सरगुजा के अम्बिकापुर ब्लॉक के कोटया गांव के जयानंदन दास को मिला पक्का मकान, बरसात में टपकती छत और बार-बार मरम्मत की चिंता से मिली राहत
रायपुर, 26 अक्टूबर 2026। हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना पक्का घर हो, जहां वह परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन बिता सके। आर्थिक तंगी के कारण कई जरूरतमंद परिवारों के लिए यह सपना लंबे समय तक अधूरा रहता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ऐसे ही परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने में मदद कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटया निवासी जयानंदन दास का वर्षों पुराना पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। कभी मिट्टी के कच्चे मकान में परेशानियों के बीच जीवन बिताने वाला उनका परिवार अब अपने पक्के घर में सुरक्षित और सुकून से रह रहा है।
कच्चे मकान में हर बरसात बन जाती थी चुनौती
जयानंदन दास बताते हैं कि पहले उनका परिवार मिट्टी के कच्चे मकान में रहता था। बारिश का मौसम शुरू होते ही परेशानियां बढ़ जाती थीं। छत से पानी टपकने, दीवारों में सीलन आने और मकान के क्षतिग्रस्त होने का डर बना रहता था। घर में चूहों की समस्या भी परेशानी बढ़ाती थी।
बारिश के दौरान घर और घरेलू सामान को सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। मकान की टूट-फूट और बार-बार मरम्मत की जरूरत के कारण परिवार को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित संसाधनों के चलते पक्का मकान बनवाना उनके लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने सुरक्षित घर की उम्मीद नहीं छोड़ी।
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ पक्के घर का सपना
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास का लाभ मिलने के बाद जयानंदन दास अपने पक्के मकान का निर्माण पूरा कर सके। अब उनका परिवार मजबूत छत के नीचे सुरक्षित महसूस करता है। बारिश में पानी टपकने, सीलन और बार-बार मरम्मत कराने जैसी समस्याओं से उन्हें राहत मिली है।
जयानंदन दास के लिए यह मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि वर्षों की परेशानियों से राहत और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत है।
पक्का घर मिलने पर जताया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार
अपने नए घर को लेकर जयानंदन दास बेहद खुश हैं। उन्होंने स्थानीय बोली में अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “पहिली मिट्टी के घर रहिस सर, बहुत समस्या रहिस। बरखा पानी म परेशानी होवत रहिस, चूहे घर मन घलो दिक्कत रहिस। अब पक्का घर बन गे हे, पानी ले बचत हन, अब मरम्मत के चिंता नइ हे। प्रधानमंत्री आवास योजना ले मोला आवास मिलिस हे, एकर बर विष्णु भईया ला बहुत-बहुत धन्यवाद।”
उन्होंने बताया कि पक्का मकान बनने से परिवार की वर्षों पुरानी चिंता दूर हो गई है। अब बारिश के मौसम में पहले जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। उनके अनुसार, गांव के अन्य पात्र परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है और उनके पक्के मकान बन रहे हैं।
ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने का प्रयास
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। सुरक्षित आवास मिलने से परिवारों को कच्चे मकानों से जुड़ी कई परेशानियों से राहत मिल सकती है और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए बेहतर आधार मिलता है।
सरगुजा जिले के जयानंदन दास की कहानी इसी बदलाव का उदाहरण है। कभी बरसात में टपकती छत और मिट्टी की दीवारों के बीच रहने वाला उनका परिवार आज अपने पक्के घर में सुकून से जीवन बिता रहा है। उनका नया आशियाना सुरक्षित जीवन, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद का आधार बन गया है।


