गरियाबंद के रजनकट्टा गांव की खामेश्वरी यादव को दो प्रसवों में मिली आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार
गरियाबंद। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ग्रामीण क्षेत्रों की पात्र महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद कर रही है। गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रजनकट्टा निवासी श्रीमती खामेश्वरी यादव को योजना के तहत कुल 11 हजार रुपये की सहायता राशि मिली है। इससे उन्हें अपने बच्चों की देखभाल और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
दो प्रसवों में मिली कुल 11 हजार रुपये की सहायता
श्रीमती खामेश्वरी यादव को प्रथम प्रसव में पुत्र के जन्म पर 5 हजार रुपये और द्वितीय प्रसव में पुत्री के जन्म पर 6 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। इस तरह उन्हें कुल 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली।
यह राशि उनके लिए बच्चों के उचित पोषण, पौष्टिक आहार और देखभाल की जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगी। मातृत्व के दौरान मिली इस आर्थिक मदद से परिवार को अतिरिक्त संबल मिला है।
खेती-किसानी और सिलाई-कढ़ाई से परिवार को देती हैं सहारा
श्रीमती खामेश्वरी यादव अपने पति के साथ खेती-किसानी के काम में सहयोग करती हैं। इसके साथ ही वे सिलाई-कढ़ाई का कार्य करके परिवार की आजीविका में भी योगदान देती हैं।
घरेलू जिम्मेदारियों और बच्चों की परवरिश के बीच योजना से मिली आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हुई है। उनका कहना है कि इस राशि का उपयोग बच्चों के पोषण और देखभाल संबंधी जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार
श्रीमती खामेश्वरी यादव ने योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने ‘हमर मुखिया विष्णु भैया’ कहते हुए धन्यवाद दिया और कहा कि शासन की ऐसी योजनाएं माताओं और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती हैं।
क्या है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार की मातृत्व लाभ योजना है। इसके अंतर्गत पात्र महिलाओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है।
योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर 5 हजार रुपये और द्वितीय संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। इसका उद्देश्य मातृत्व के दौरान महिलाओं को आर्थिक संबल देना तथा मां और बच्चे के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों में सहयोग करना है।
खामेश्वरी यादव को मिली सहायता इस बात का उदाहरण है कि मातृत्व लाभ की राशि परिवारों को बच्चों की देखभाल और पोषण संबंधी खर्चों में मदद दे सकती है।

