रायपुर, 1 नवंबर 2026। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आत्मीय पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। पत्र में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ से अपने दशकों पुराने जुड़ाव, प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता और विकास की दिशा में हो रहे बदलावों का उल्लेख किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और जनजीवन से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। सरगुजा के वनांचलों से लेकर बस्तर की धरती तक की यात्राओं में उन्होंने प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं को करीब से जाना है। उन्होंने राज्य की सरलता, सहजता, मेहनत और जीवंत सांस्कृतिक विरासत को प्रेरणादायी बताया।
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में साकार हुआ छत्तीसगढ़ राज्य का सपना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि 26 वर्ष पूर्व उनके दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। इस ऐतिहासिक निर्णय से लाखों लोगों की दशकों पुरानी आकांक्षाएं पूरी हुईं और प्रदेश के विकास की नई यात्रा शुरू हुई।
उन्होंने अपने पत्र में छत्तीसगढ़ से व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन के दिनों से ही उनका प्रदेश से विशेष लगाव रहा है। अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से उन्हें यहां कई बार आने का अवसर मिला। सरगुजा से बस्तर तक की यात्राओं ने उन्हें छत्तीसगढ़िया संस्कृति और जनजीवन को समझने का अवसर दिया।
प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष राज्य की रजत जयंती के अवसर पर अपने छत्तीसगढ़ प्रवास और नए विधानसभा भवन के लोकार्पण का भी स्मरण किया।
नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर अब शांति और विकास के नए केंद्र
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता को प्रदेश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि पहले नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर के रूप में पहचाने जाने वाले क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास के नए केंद्र बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा रहा, लेकिन अब इसे निर्णायक रूप से समाप्त करने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री ने इस बदलाव में सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग की भूमिका को रेखांकित किया।
बस्तर में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस परिवर्तन के प्रतीक बन रहे हैं। नियद नेल्ला नार, आजीविका उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी पहलों से स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाओं और विकास के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी से विकास को नई गति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी के विस्तार को विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष पहले दिल्ली और रायपुर के बीच दिनभर में केवल एक उड़ान उपलब्ध हुआ करती थी, जबकि आज प्रदेश में चार आधुनिक हवाई अड्डों का नेटवर्क है।
पत्र में प्रधानमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं भी शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के विस्तार से रायपुर और बिलासपुर के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो गया है। विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे आने वाले समय में कनेक्टिविटी, उद्योग और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देंगे।
‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को बताया सरकार की नीतियों का आधार
प्रधानमंत्री ने संत गुरु घासीदास जी के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह डबल इंजन सरकार की नीतियों के मूल भाव जैसा है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास’ की भावना के साथ समाज के हर वर्ग की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक पक्के मकान, सड़क, बिजली, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
73 लाख परिवारों को निःशुल्क अनाज, 22 लाख से अधिक आवासों का निर्माण
प्रधानमंत्री ने पत्र में जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 22 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूरा हुआ है। 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचा है और करीब 40 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन मिले हैं। लगभग ढाई करोड़ आयुष्मान कार्ड के माध्यम से नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
25 लाख से अधिक किसानों को उपज का बेहतर मूल्य
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि धान खरीदी की व्यवस्था से 25 लाख से अधिक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
उन्होंने दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी क्षेत्रों में आए सकारात्मक बदलावों का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी पहलें इन क्षेत्रों में कृषि को और मजबूत बनाने में सहायक होंगी।
युवाओं को उच्च शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को प्रदेश की बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में एम्स, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम और निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दे रहे हैं।
पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के माध्यम से कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप छत्तीसगढ़ी के साथ गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था का भी उन्होंने उल्लेख किया।
महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण को प्रदेश के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसार, इस योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है और परिवार तथा समाज में उनकी भागीदारी बढ़ रही है।
इनोवेशन और टेक्नोलॉजी का केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर के आधुनिक शहर के रूप में उभरने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इंडिया AI मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप नई तकनीक से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी, बिजली, एल्युमिनियम और स्टील जैसे क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं का उल्लेख किया। नवा रायपुर में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 और ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट को भी उन्होंने देश के स्टील क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की पहचान मजबूत करने वाला बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभाशाली युवाओं की शक्ति से प्रगति के नए रास्ते तैयार हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत देश की अमूल्य धरोहर
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे प्रभु श्रीराम का ननिहाल और संत गुरु घासीदास जी की पावन जन्मभूमि बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कबीरपंथ की समतामूलक विचारधारा की गहरी छाप है।
उन्होंने पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी को छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि यहां की लोककलाएं, लोकभाषाएं और जनजातीय परंपराएं देश की सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध बनाती हैं।
‘अंजोर विजन’ विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को देगा दिशा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र के अंत में छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर विजन’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा दे रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में प्रदेश की विकास यात्रा और तेज होगी तथा छत्तीसगढ़ अपनी उपलब्धियों से मां भारती और छत्तीसगढ़ महतारी का गौरव बढ़ाएगा। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित प्रदेश के सभी परिवारजनों को राज्य स्थापना दिवस की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

