रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत श्रमिकों की ई-केवाईसी के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ ने 91.37 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त रैंकिंग में चौथा स्थान प्राप्त किया है। वहीं बड़े राज्यों में प्रदेश पहले स्थान पर है।
इसी तरह कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में 82.28 प्रतिशत उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ देश के सभी राज्यों में प्रथम और राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त रैंकिंग में दूसरे स्थान पर है। दोनों श्रेणियों में प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर रहा है।
अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में बड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ प्रथम
केंद्र सरकार की 3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में वीबी-जी राम जी के अंतर्गत कुल 79 लाख 23 हजार 503 पंजीकृत अकुशल श्रमिक हैं। इनमें से 76 लाख 20 हजार 979 श्रमिकों का आधार सीडिंग कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 72 लाख 39 हजार 364 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। इस तरह प्रदेश ने 91.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है।
राष्ट्रीय स्तर पर लद्दाख 97.59 प्रतिशत, मिजोरम 97.42 प्रतिशत और त्रिपुरा 92.79 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहले तीन स्थानों पर हैं। छत्तीसगढ़ 91.37 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है। हालांकि, बड़े राज्यों की श्रेणी में प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया है।
इस श्रेणी में राष्ट्रीय औसत 61.01 प्रतिशत है। इसके मुकाबले छत्तीसगढ़ की उपलब्धि 30.36 प्रतिशत अंक अधिक है। प्रदेश ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों को पीछे छोड़ा है।
कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में सभी राज्यों से आगे
कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में भी छत्तीसगढ़ ने बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रदेश के कुल 77 हजार 891 पंजीकृत श्रमिकों में से 73 हजार 596 श्रमिकों का आधार सीडिंग कार्य और 64 हजार 87 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इस श्रेणी में प्रदेश की उपलब्धि 82.28 प्रतिशत है।
राष्ट्रीय रैंकिंग में दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव 98.33 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है। छत्तीसगढ़ 82.28 प्रतिशत उपलब्धि के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं देश के सभी राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ इस श्रेणी में पहले स्थान पर है।
इस श्रेणी का राष्ट्रीय औसत 13.53 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ की उपलब्धि इससे 68.75 प्रतिशत अंक अधिक है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की तुलना में भी प्रदेश का प्रदर्शन बेहतर रहा है।
73 लाख से अधिक श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी
दोनों श्रेणियों को मिलाकर छत्तीसगढ़ में कुल 80 लाख 1 हजार 394 पंजीकृत श्रमिक हैं। इनमें से 76 लाख 94 हजार 575 श्रमिकों का आधार सीडिंग और 73 लाख 3 हजार 451 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। इस तरह कुल पंजीकृत श्रमिकों में 91.28 प्रतिशत की ई-केवाईसी पूरी हो गई है।
ई-केवाईसी से पंजीकृत श्रमिकों की पहचान का सत्यापन, अभिलेखों की शुद्धता और रोजगार एवं मजदूरी भुगतान से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और डिजिटल व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, श्रमिकों के हितों की सुरक्षा और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। वहीं उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, श्रमिकों के सत्यापन और विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।

