नई दिल्ली। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश का महौल बना हुआ है। जनता मोदी सरकार से अपील कर रही है कि आतंक मचाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि मोदी सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेते हुए सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया है और पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने अल्टीमेटम दे दिया गया है। लेकिन इस बीच फेमस टीचर खान सर ने पाकिस्तान को भीख मंगवाने का एक नया तरीका बताया है। खान सर के इस सुझाव को सोशल मीडिया पर जमकर सपोर्ट मिल रहा है। लोग लगाकर पोस्ट शेयर कर रहे हैं।
दरअसल खान सर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा हे कि भारत का द्वारा सिंधु जल समझौता सस्पेंड करना या सर्जिकल स्ट्राइक करना कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कहा, ‘सिंधु जल समझौता 1960 के तहत हम लोग सिंधु नदी तंत्र के 80% जल छोड़ देते थे, भारत ने अभी इस समझौते को सस्पेंड किया है। लेकिन सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर देना कोई इलाज नहीं है, क्योंकि इसके पानी को हम डाइवर्ट करके लेके कहां जाएंगे।
खान सर ने आगे कहा कि ‘इसके लिए हमें नया बांध बनाने की जरूरत है, जब तक ये समझौता सस्पेंड है बांध बना देना चाहिए और पाकिस्तान के पूरे पानी को रोक लेना चाहिए। गर्मी में पूरा पानी रोक ले, बरसात का समय आने तक पाकिस्तान गर्मी में पूरा जल चुका होगा। जब बांध पूरा लबालब हो जाए तो बांध खोल देना चाहिए। पहले सुखा के मारो फिर पानी से क्योंकि पाकिस्तान ने इंसानियत को लांघ दिया है।
खान सर ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक जरूरी है, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक कोई इलाज नहीं है। सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती रहती है, 50 आतंकवादी मार देंगे तो क्या भरपाई हो जाएगी? हमारे 28 मासूम लोग मारे गए हैं इसकी भरपाई 50 को मारने से नहीं होगी। खान सर ने पाकिस्तान को दोहरी चोट पहुंचाने के लिए नेवल ब्लॉकेज की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘भारत को नेवल ब्लॉकेज करना चाहिए, पूरे भारत के लोगों से कहते हैं कि अपनी सरकार से अपील करें। अगर हम नेवल ब्लॉकेज कर देते हैं तो इसकी पूरी सप्लाई लाइन कट जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘नेवल ब्लॉकेज होने की वजह से और पाकिस्तान के पास जो पेट्रोलियम भंडार है बस 9 दिन का है। नेवल ब्लॉकेज लगने के कारण इसके पूरा पेट्रोलियम खत्म हो जाएगा। हम लोग कहीं ना कहीं ये लंबे समय तक ऊपर से सिंधु जल समझौता सस्पेंड करके और नीचे से नेवल ब्लॉकेज करके पाकिस्तान को दोहरी मार मार सकते हैं।’
कराची बंदरगाह, दरअसल खान सर कराची बंदरगाह पर नेवल ब्लॉकेज की बात रहे हैं क्योंकि कराची पाकिस्तान का सबसे बड़ा बंदरगाह है और उसकी अर्थव्यवस्था का केंद्र है। यहां से 90% से अधिक समुद्री व्यापार होता है, जिसमें तेल, ईंधन और आवश्यक वस्तुओं का आयात शामिल है। 1971 के युद्ध में भारत ने कराची पर हमला कर (ऑपरेशन ट्राइडेंट और पायथन) तेल भंडार नष्ट किए थे, जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ था।

