रायपुर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में पाकिस्तान से बदला लेने की मांग गूंज रही है। देशभर में लोग सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के पूर्व विधायक यूडी मिंज ने अपने बेतुके बयान से पूरा माहौल गरमा दिया है।
कुनकुरी के पूर्व विधायक ने सोशल मीडिया पर यह बयान दिया कि यदि भारत पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध करता है, तो उसे चीन से भी लड़ा जाएगा, और इस युद्ध में भारत की हार तय है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) और बलूचिस्तान में चीन का अंधाधुंध निवेश है, और यदि भारत इन क्षेत्रों पर हमला करता है, तो चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा हो जाएगा।
उनका यह बयान न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि भारतीय सेना और हमारे सैनिकों के मनोबल को तोड़ने का एक स्पष्ट प्रयास है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर भारत युद्ध में जाता है तो देश की अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी, और इसका सीधा असर देश की गरीब जनता पर पड़ेगा। उनका कहना था कि युद्ध की स्थिति में भारत की 80 करोड़ जनता को राशन देने के पैसे महज छह महीने में खत्म हो जाएंगे।
सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हुए मिंज
यूडी मिंज के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी तीखी आलोचना की है। सोशल मीडिया पर उन्हें “देशद्रोही” और “गद्दार” तक कहा गया है। कई यूजर्स ने उनकी निंदा करते हुए सवाल किया कि क्या उन्होंने पाकिस्तान से पैसा लिया है। भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस तरह के बयान देश की सुरक्षा और एकता के लिए खतरे की घंटी हैं। देशवासियों से अपील की जा रही है कि इस प्रकार के असंवेदनशील बयानों का विरोध किया जाए और देश के हित में एकजुट हुआ जाए।
पढ़िये क्या लिखा है यूडी मिंज ने (हूबहू पोस्ट)
जो आज पाकिस्तान के विरुध्द निर्णायक युद्ध की बात कर रहे हैं, वे जान लें कि इस बार पाकिस्तान के साथ साथ भारत को चीन से भी लड़ना होगा और ऐसी स्थिति में भारत की हार सुनिश्चित है। पी ओ के के महत्वपूर्ण हिस्से में चीन ने अंधाधुंध निवेश किया है। पुराने सिल्क रोड को खोल दिया गया है।यही हाल बलूचिस्तान का भी है। ग्वादर पोर्ट को चीन ने डेवलप किया है और उसकी सेना सुरक्षा कर्मियों के नाम पर वहाँ पर तैनात है। बलूच विद्रोहियों की औकात नहीं है कि वे चीनी सैनिकों का मुक़ाबला कर सके। यही दोनों जगह हैं जहां से पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी ऑपरेट करते हैं । एटबबाबाद भी इन्हीं जगहों में है, जहाँ से लश्कर ए तैयबा का नेटवर्क काम करता है।
अब अगर भारत इन स्थानों पर सीधे हमला करे तो चीन स्वतः इस युद्ध में पाकिस्तान के साथ खड़ा हो जाएगा। नतीजा सोच लीजिए।इसलिए पुलवामा पार्ट २ के बाद बालाकोट कौवा मार स्ट्राइक पार्ट २ के लिए तैयार रहिए।जहां तक बात इकोनॉमी की है तो भारत अगर पूरी तरह से युद्ध में जाता है तो देश की अस्सी करोड़ आबादी को राशन देने के पैसे छः महीने में ही ख़त्म हो जाएँगे। मुद्रास्फीति दर वैसे ही डबल डिजिट में है, कहाँ तक जाएगी ये पता नहीं है ।
डॉलर के अलावे भी अन्य वैश्विक मुद्राओं के मुक़ाबले रुपया २.५% कमजोर हुआ है।अमरीकी टैरिफ़ के चलते निर्यात न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया है । देश में बेरोज़गारी पिछले पैंतालिस साल में सबसे ज़्यादा है। महंगाई बेलगाम हो गई है । ऐसी स्थिति में कोई भी युद्ध आत्मघाती होगा और दोनों देशों की मेहनतकश जनता पर असहनीय बोझ पड़ेगा । यह समय भारत, पाकिस्तान और चीन के लीडरशिप को साथ बैठ कर आतंकवाद की समस्या का निदान ढूँढने का है, किसी भी प्रकार का political expediency में जाने का नहीं ।वैसे जो भारतीय युद्ध के समर्थन में हैं, उन सबको अग्नीवीर बना कर बॉर्डर पर भेज देना चाहिए।

