इस्लामाबाद। भारत-पाकिस्तान के बीच जारी जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों में मध्यस्थता कराते हुए सीजफायर का ऐलान किया था। लेकिन सीजफायर के कुछ ही देर बाद पाकिस्तान ने कायाराना करतूत करते हुए फिर भारत पर हमले किए हैं। हालांकि देर रात ड्रोन देखे जाने के बाद सीमावर्ती गांव और शहरों में हालात सामान्य हैं। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस दावे के बाद हड़कंप मच गया है।
सोशल मीडिया X पर Wing Commander Pushkal Vijay Dwivedi अकाउंट से ट्वीट कर दावा किया गया है कि “पाकिस्तान की मिट्टी पर सबसे बड़ा विश्वासघात।” इमरान ख़ान की हत्या हो गई। मेरे विश्वसनीय सूत्रों से यह चौंकाने वाली जानकारी मिली है कि इमरान खान की हत्या की साजिश खुद ISI ने रची है। पाकिस्तानी सेना के अंदर भयंकर असंतोष और गुस्सा फूट रहा है। बहुत से अफसर इस साजिश को ‘देशद्रोह का चरम’ मान रहे हैं। पाकिस्तानी आवाम को यह खबर अभी छुपाई जा रही है क्योंकि हुकूमत जानती है कि अगर सच बाहर आया तो पाकिस्तान सड़कों पर जल उठेगा। जरा सोचिए-जिसे आप मसीहा मानते थे, उसी को मारने का आदेश आपके अपने आका दे रहे हैं। आपके सपनों की कब्र भी खुद आप ही के हाथों खोदी जा रही है। पाकिस्तानी भाइयों और बहनों, कब तक बेजान कठपुतली बने रहेंगे? कब तक खून में डूबी तानाशाही को झेलते रहेंगे? अब वक्त है—जागो, आवाज उठाओ, या हमेशा के लिए गुलाम बनकर रहो।
वहीं, सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की एक फर्जी रिलीज वायरल हो रही थी। इसमें कहा गया था कि इमरान खान की न्यायिक हिरासत में ही मौत हो गई है। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। रिलीज में यह भी कहा गया कि सरकार घटना की गंभीरता को समझती है और पूरी पारदर्शिता के साथ उनकी मौत की वजह का पता लगाया जाएगा। इस फर्जी रिलीज में कहा गया, पाकिस्तान हमेशा ही जीवन के मूल्य को समझता है और कानून पर विश्वास रखता है। मानवाधिकार की रक्षा खास तौर पर कस्टडी में, पाकिस्तान की सरकार सिद्धांत है। सरकार यूएन के मानवाधिकार संस्थानों और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों के जरिए घटना की निष्पक्ष जांच करवाएगा।
मामला सामने आने के बाद पाकिस्तान सरकार की ओर से बयान सामने आया है और जानकारी दी गई है कि जेल में इमरान खान की हालत कैसी है। सरकार ने कहा है कि जेल में बंद इमरान खान सुरक्षित हैं। सरकार ने कहा कि लोगों को अफवाहों के प्रति सचेत रहना चाहिए।
दूसरी ओर इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट में खान की रिहाई के लिए अपील की है। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि कस्टडी में इमरान खान के जीवन को खतरा है। वहीं लंबे समय से जेल में रहने की वजह से उनका स्वास्थ्य भी बहुत बिगड़ गया है।
पार्टी ने कहा, ‘‘इमरान खान की रिहाई के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है। केपी के मुख्यमंत्री अली अमीन ने एक आवेदन दायर किया है।’ इसमें कहा गया, ‘‘यह अनुरोध किया गया है कि भारत के साथ मौजूदा युद्ध की स्थिति को देखते हुए, राष्ट्रीय सद्भाव और एकजुटता के लिए और अदियाला जेल में ड्रोन हमले की आशंका के कारण, उन्हें तुरंत पैरोल/परीवीक्षा पर रिहा किया जाए।

