नई दिल्ली। पिछले महीने के 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर लांच किया था। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अलग-अलग इलाके में मौजूद आतंकी शिविरों और ठिकानों को तबाह कर दिया था। सेना ने अपने सटीक हमलों की तस्वीरें करते हुए बताया था कि उन्होंने पीओके में मौजूद आतंक के पनाहगारों से पहलगाम हमले के बदला ले लिया है। तस्वीरों में साफ़ नजर आ रहा था भारतीय वायुसेना के अचूक निशाने से दशतगर्दों के शिविरों में जमकर तबाही मचाई गई है।
इस पूरे हमले पर पाकिस्तान की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई और उन्होंने ड्रोन की मदद से भारत के सीमावर्ती शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की गई। हालांकि भारत के एंटी मिसाइल सिस्टम एस-400 ने पकिस्तान के मंसूबों पर पानी फेर दिया और सभी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया, लेकिन इसके बाद शुरु हुई असली जंग। भारत ने इन हमलों का जोरदार जवाब दिया और पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जमकर मिसाइल और ड्रोन हमले किये।
सेना ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि, आईएएफ ने पाक के 11 ठिकानों को टारगेट पर रखा था और यहां हमले किये। इस हमले में कई एयरबेस को तबाह कर दिया गया। इसमें रावलपिंडी का नूर खान, भालोरी, सरगोधा और जैकोबाबाद शामिल है।
इस पूरे हमले के बाद अब पाक सेना का एक कथित गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस गोपनीय खत में साफतौर पर बताया गया है कि, भोलारी में हुए भारतीय सेना के हमले में पाक ने पीएएफ के 52 अधिकारी-कर्मचारियों को खो दिया है। यह खत 10 मई को पाक सेना के भीतर जारी किया गया था। हालांकि IBC24 इस पत्र के सत्यता की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन भोलारी एयरबेस पर हुए हमले पर पाक की तरफ से अबतक किसी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह गोपनीय पत्र भोलारी एयरबेस के ग्रुप कैप्टन कासिफ आजाद की तरफ से पाक के साउथ एयर कमांड को लिखा गया था।


