नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच जंग का हालत बने हुए है। पिछले महीने की 22 तारीख को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाक के आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। वही पाक की सेना ने जैसे ही इसपर प्रतिक्रिया दी तो भारतीय सेना ने उन्हें भी घेरना शुरू किया। भारत ने पाकिस्तान के करीब दर्जन भर सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया। इस हमले में करीब 100 आतंकियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि बीते 9 मई को दोनों देश सीजफायर के लिए राजी हो गए और फिलहाल दोनों मुल्क के बीच तनाव में कमी आई है।
इस जंग में 100 आतंकियों के साथ पाक सेना के कई अफसर और जवान भी मारे गये है। बात भारत की करें तो यहां भी कई सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। देश आज ऐसे जांबाज जवानों के शहदात को याद करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि 1965 में हुए भारत-पाकिस्तान के युद्ध में सैनिकों के अलावा एक राज्य के सीएम की भी शहादत हुई थी। यह थे गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री बलवंत राय मेहता। पाकिस्तान के हवाई हमले में बलवंत राय मेहता और उनकी पत्नी समेत 7 लोग शहीद हो गए थे। दोनों देशों के बीच युद्ध के दौरान शहीद होने वाले वह इकलौते मुख्यमंत्री है।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक़ 19 सितम्बर 1965 के रोज़ गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री बलवंत राय मेहता की अहमदाबाद में रैली थी। उन्हें अहमदाबाद के मीठापुर ठहराया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री अपनी पत्नी सरोजबेन, तीन असिस्टेंट, गुजरात समाचार के एक रिपोर्टर के साथ हेलीकॉप्टर में बैठे। इस हेलिकॉप्टर को कच्छ की खाड़ी के दक्षिण में स्थित एक छोटे से एयरपोर्ट मीठापुर पहुंचना था। इसी दौरान पाकिस्तान के फाइटर जेट ने करीब 1000 फ़ीट की ऊंचाई से बलवंत राय के हेलीकॉपटर पर हमला कर दिया। पाकिस्तानी सैनिक के हमले के बाद मुख्यमंत्री का विमान सीधे जमीन पर जा गिरा। विमान में मौजूद सभी सातों लोगों की मौत हो गई। दूसरी तरफ जब पूछा गया कि, सिविलियन एयरक्राफ्ट पर हमले का ऑर्डर क्यों दिया गया। जवाब में ग्राउंड कंट्रोल ने बताया कि उन्हें शक था कि भारतीय सेना सिविलियन प्लेन का इस्तेमाल कर रेकी कर रही थी।

