धार। पुराने लोगों से आपने सुना होगा कि ‘जर, जोरू और जमीन’ सिर्फ इन्हीं तीनों के चलते अच्छा खासा परिवार बिखर कर तबाह हो जाता है। ‘जर, जोरू और जमीन’ के चक्कर में परिवार तबाह होने का ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के धार जिले से सामने आया है, जहां भाई और भाभी ने छोटे भाई की सुपारी देकर हत्या करवा दी। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच जमीन के बटवारे को लेकर विवाद चल रहा था और इसी बात को लेकर बड़े भाई और भाभी ने छोटे की हत्या करवा दी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी भैया-भाभी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार 20 अप्रैल 2025 की शाम से गुलशन मंडलोई घर से गायब था, 22 अप्रैल 2025 को उसकी पत्नी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट मनावर थाने में दर्ज करवाई। इधर निसरपुर थाना अंतर्गत 23 अप्रैल कों मलवाडा घाट, नर्मदा नदी के किनारे एक अज्ञात शव बरामद होता है, लेकिन शव की पहचान नहीं हो पाती है। वहीं, शिनाख्त नहीं हो पाने पर निसरपुर पुलिस ने दो-तीन दिन इंतजार करने के बाद अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
दूसरी ओर मृतक गुलशन मंडलोई के दाहिने हाथ पर दिल और अंदर GM और बाएं हाथ में चांदी कलर के धातु की अंगूठी पहनी थी, जिसका फोटो मृतक की पत्नी ने पहचान लिया और पुलिस को मामले की जानकारी दी। दफनाए गए शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई और तत्काल प्रभाव से लाश को फिर बाहर से निकाला गया। शव की पहचान गलसिंह पिता प्रताप, निवासी ग्राम देवरा के रूप में होती है, पुलिस को जांच के दौरान शक होता है कि ये कोई सामान्य मौत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। वहीं, जब मामले की जांच के दौरान पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ती गई तो जो खुलासे हुए उसे जानकर सबके होश उड़ गए।
दरअसल गलसिंह ने दस महीने पहले पिता की ज़मीन अपनी पत्नी संगीता के नाम करवा ली थी, बस यहीं से बड़े भाई भाभी के मन में छोटे भाई गलसिंह के लिए दुश्मनी की कहानी शुरू हुई। बड़े भाई छोटू और उसकी पत्नी रेखा के दिल में दशमी के चलते गलसिंह को रास्ते से हटाने की साजिश रची जाती है। भी बेहद चालाकी से, रेखा और छोटू ने अपने सहयोगी महेन्द्र और उसकी पत्नी सपना के साथ मिलकर सपना को गलसिंह से प्रेम जाल में फंसाने का प्लान बनाया। सपना और गलसिंह के बीच बातचीत शुरू होती है, प्रेम संबंध बनते हैं और फिर गलसिंह को मनावर बुलाया जाता है। मनावर में गलसिंह को खाटू श्याम मंदिर के पास लाया जाता है, जहां छोटू, रेखा, महेन्द्र, सपना और महेन्द्र के बुलाए गए अन्य लोग मोटलिया और उसके चार साथी पहले से मौजूद थे।
सभी ने मिलकर गलसिंह को जमकर पीटा गया, गले में दुपट्टा बांधकर दम घोंटा गया। गलसिंह जब मर गया तो छोटू की ईको गाड़ी में डालकर बड़वानी पुलिया से नर्मदा नदी में फेंक दिया। बताया गया कि इस हत्या के लिए छोटू ने ढाई लाख रुपए का सौदा किया था, सपना, महेन्द्र, मोटलिया और उसके साथियों करण, रोहित, भुरू और अल्लू को यह रकम दी गई थी। फिलहाल पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, घटना में शामिल छोटू, रेखा, महेन्द्र, सपना करण, रोहित, कपिल उर्फ भुरू, रोहित उर्फ अल्लू को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि मोटलिया अब भी फरार है जिसकी तलाश जारी है।

