देहरादून। उत्तराखंड कैडर की आईपीएस अधिकारी रचिता जुयाल ने मीडिया को बताया है कि, उन्होंने 10 साल की सेवा के बाद निजी कारणों के चलते सेवा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह भी भी बताया कि, वह अपनी दूसरी इच्छाओं को पूरा करना चाहती हैं। हालांकि जुयाल ने यह भी कहा कि, वह अपने गृह राज्य उत्तराखंड के विकास में योगदान देना जारी रखेंगी। जुयाल ने एएनआई न्यूज़ से कहा, “मैंने हाल ही में व्यक्तिगत कारणों से 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हर किसी की जिंदगी में कुछ योजनाएं होती हैं और मेरी भी कुछ आकांक्षाएं हैं, जिन्हें मैं पूरा करना चाहती हूं। यह फैसला मेरे परिवार में काफी समय से चर्चा में था और हमने अपनी सुविधा के आधार पर यह फैसला लिया है। उत्तराखंड के लिए मेरा प्यार मजबूत है और मैं राज्य के लिए हर संभव तरीके से योगदान देना जारी रखूंगी।
बता दें कि, रचिता उत्तराखंड कैडर के 2015 बैच की भापुसे अफसर रही है। त्यागपत्र देने से पहले तक वह राज्य के सतर्कता विभाग में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहीं थी। उनके इस्तीफे की कोई खास वजह तो सामने नहीं आई है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वह, अपने काम में प्रशासनिक दखलंदाजी से परेशान थी, संभवतः उन्होंने सेवा से इस्तीफ़ा दे दिया।

