रायपुर : महासमुंद स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा द्वारा विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री गृह जेल मंत्री को पत्र लिखकर जिला सेनानी कमांडेड अनुज एक्का को महासमुंद जिला से हटाने की मांग की गई थी। महासमुंद जिले में पदस्थ कमाडेंड अफसर अनुज एक्का जिला सेनानी नगर सैनिक महासमुंद विगत 06 वर्षों से अनवरत एक ही स्थान पर पदस्थ हैं जिनकी शिकायत महिला प्रधान सैनिकों ने उत्पीड़न का हवाला देते हुए स्थानांतरण की मांग स्थानीय विधायक से की थी!
स्थानीय विधायक द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को स्थानांतरण के लिए पत्र लिखकर उन्हे महासमुंद जिला से हटाने की मांग की गई थी , एक आवेदन विनय पत्र महासमुंद लोकसभा क्षेत्र सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी को लिखा गया था! जिसमें निवेदन की गई है जिला सेनानी अनुज एक्का नगर सैनिक कमांडेंट महासमंद
में विगत 06 वर्षों से एक स्थान पर पदस्थ होने के बाद पद का दुरुपयोग कर नगर सैनिकों को मानसिक शारीरिक एवं आर्थिक रूप से परेशान कर उनका शोषण कर रहे है ! उनके द्वारा तनाव बढ़ाते है और छोटी-छोटी बातों में सैनिकों से स्पष्टीकरण लेकर कठोर से कठोर कार्यवाही कर निलंबित किया जाता है जो कि उचित नही है!
उक्त मामले की शिकायत के संबंध में प्रिंट मिडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बात करने पर प्रताड़ित किया जाता रहा है, जिला फायर अधिकारी के पद पर अधिकारी नियुक्त है पर प्रशिक्षित नहीं है प्रशिक्षण से बचने के लिए बार बार मेडिकल प्रमाण पत्र देते रहे हैं! नगर सैनिकों के द्वारा स्थानीय सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी जी को लिखीत शिकायत की गई है। सैनिकों ने आम आदमी पार्टी से भी न्याय की गुहार लगाई, अपना दल एस प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीधर चंद्राकर ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत उक्त अधिकारी द्वारा किए गए 06 वर्षों का कार्यों का अवलोकन के बाद हिसाब मांगा गया था!
आपको बता दें की शिकायत में पिड़ीत पक्ष ने बताया कि अनुज कुमार एक्का जिला सेनानी नगर सेना कार्यालय महासमुंद में 2019 से लगभग 06 वर्ष से एक ही जगह पर पदस्थ होकर अपने पद का दुरूपयोग करते हुये आ रहे है ! नगर सैनिक एवं महिला सैनिक को शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशान करने तथा भ्रष्टाचार में अत्यधिक लिप्त रहते है पर उनके खिलाफ कार्यवाही नगन्य है इसलिये फेविकोल की तरह चिपककर बैठे है खुर्शी में!
जिला सेनानी अनुज एक्का नगर सेना महासमुन्द विगत वर्ष 2019 से एक ही जगह पर पदस्थ होने के कारण अपने पद का दुरूपयोग करते हुये सैनिको को मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक रूप से परेशान करते हुए नजर आ रहा है ! कर्मचारियो को तनाव में डाल दिया है तथा इनके द्वारा छोटी छोटी बात में सैनिकों से ओ.आर/ स्पष्टीकरण लेकर कठोर से कठोर कार्यवाही कर निलंबित/कीट जमा एवं पुनः नामांकन अमान्य करवाकर भय पैदा करता रहता है ! जिसके कारण से सैनिकगण अनुज कुमार एक्का (जिला होमगार्ड जिला सेनानी) की शिकायत करने से डरते रहते हैं।
उक्त अधिकारी के कर्मकाण्ड प्रिंट मिडिया में प्रकाशन होने के बाद भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं किया गया। सैनिकों को जोर जबरदस्ती ड्यूटी करवा रहा है, सैनिकों के बीमार होने पर कोई संवेदना नहीं रहता है। इनके द्वारा सैनिकों को डराया जाता है कि तुम लोग कहीं भी चले जाओ मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता मेरा हर जगह पंहुच है मैं महासमुंद में पदस्थ रहकर दिखाऊंगा जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता हैं।
वास्तव में एक्का का कोई कुछ बिगाड़ नही पाये, विधायक के शिकायत पर भी शासन सत्ता मौन हो गई सांसद और विधायक के लेटर पेड का कोई महत्व नही रखा गया है! अनुज एक्का का मनमानी चरम सीमा पर है,अगर अनुज एक्का जिला सेनानी को महासमुंद से नही हटाया जाता है तो आने वाला समय में किसी प्रकार की कोई घटना घटती है तो उसके लिये शासन प्रशासन जिम्मेदार होंगे जो कार्यवाही करने में असफल साबित हो रहे हैं।
इसे जिन्न भी कहे तो कोई कम नही है जैसे किसी इन्सान के उपर जिन्न सचर जाये तो छोड़ता नही ताहे लाख उपाय करों उसी प्रकार एक्का महासमुंद में जिन्न की तरह सचर गये है छोड़ने का नाम नही ले रहे हैं। अब देखना यह है कि गृह मंत्री जी कितनी गंभीरता के सांथ उक्त मामले को लेते है और अनुज एक्का जिला सेनानी को महासमुंद से हटाकर अन्य जिला में स्थानान्तरण करते है या नही!

