बालोद। बालोद जिला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत 463 संविदा कर्मी जिन्हें बर्खास्त किया गया था अब भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन में डटे हुए हैं। बर्खास्तगी के बाद 33वें दिन धरना स्थल पर 11 कर्मचारी 24 घंटे के आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। इसके साथ ही जिले भर के कर्मचारी भी इनके समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचकर जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं। ये सभी कर्मचारी अपनी नियमितीकरण और अन्य मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
बता दें कि बालोद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत 463 संविदा कर्मियों को गुरुवार को बर्खास्त कर दिया गया था। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हड़ताल पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने बताया कि कल कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें हड़ताल को समाप्त करने पर सहमति बनी है। मंत्री ने आशा जताई कि आज सभी कर्मचारी अपने कार्यों पर लौट आएंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली के लिए उच्च स्तर पर बातचीत की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि 10 में से 4 प्रमुख मांगों को पूरा किया जा चुका है जबकि 3 मांगों के लिए एक समिति बनाई गई है। बाकी 3 मांगों के लिए उच्च स्तर पर बातचीत जारी रहेगी। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि इस स्थिति से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं जो कि चिंताजनक है।

