इंदौर।नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। इंदौर की एक युवती के द्वारा सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण पर आरोप लगाये गये है की यौन उत्पीडन के आरोप लगाये है। वर्तमान में युवती स्विजरलैंड में है और वही से उसने एक्स पर पोस्ट कर जहर खाने तक की बात कही है। वही युवती के पिता जो की वर्तमान में इंदौर में है उनके द्वारा भी मामले में पुलिस के द्वारा एफ़आईआर दर्ज न करने की बात कही जा रही है। वहीं युवती के पिता जो इस समय इंदौर में हैं उनका आरोप है कि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।
दरसल दरअसल डॉ. रोहिणी घावरी मूलतः इंदौर की रहने वाली है, इंदौर के बीमा अस्पताल में काम करने वाले सफाई कर्मी की बेटी है। वह साल 2019 में हायर एजुकेशन के लिए स्विट्जरलैंड गई थीं पढ़ाई के दौरान ही वह और चंद्रशेखर एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। युवती ने सोशल मीडिया पर चेटिंग के विडियो भी अपलोड किए है। नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इंदौर की पीएचडी स्कॉलर युवती डॉ. रोहिणी घावरी ने तीन साल तक रिलेशनशिप में रहने और इसके बाद चंद्रशेखर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए है। दरअसल युवती के कहना है की वह चंद्रशेखर के सम्पर्क में आई थी। साल 2021 से चंद्रशेखर ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का झांसा दिया और भावनात्मक व शारीरिक शोषण किया। युवती का कहना है की भारत लौटने पर दिल्ली में कई बार होटल और द्वारका स्थित घर बुलाकर शादी का वादा करते हुए जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए। रोहिणी नामक युवती ने इसकी शिकायत महिला आयोग में की है।
रोहिणी घावरी ने कई मर्तबा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा है की आज चन्द्रशेखर जिस मुकाम पर पहुंचा है वह उसकी वजह से है। उसने राजनितिक करियर बनाने के लिए उसका उपयोग किया है कई बार वह घंटो उससे बातचीत किया करता था मामले ने तुल तब पकड़ा जब रोहिणी घावरी ने एक्स पर पोस्ट किया इस पोस्ट में रोहिणी ने चंद्रशेखर की एक फोटो डालकर लिखा की मेरा जीवन बर्बाद करके खुशिया मना रहा है आज ही तेरे नाम का जहर खाऊँगी। इसी के साथ रोहिणी ने पीएमओ को टैग कर लिखा की मेरी लाश वापस भारत मत लाना किसी ने मेरी नही सुनी तुम सब को मेरा अंतिम अलविदा। इसके पहले भी रोहिणी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा था की मेरी कहानी लाखो बेटियों के लिए सबक बनेगी।
इंदौर में रह रहे रोहिणी के माता-पिता ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार दिल्ली में सामूहिक आत्महत्या करेगा। परिजनों ने यह भी बताया कि पिछले तीन दिनों से उनकी बेटी से संपर्क नहीं हो पा रहा था लेकिन ट्वीट के बाद उनसे बातचीत हो सकी। परिजनों का दावा है कि चंद्रशेखर के कई अन्य महिलाओं से भी संबंध हैं और वह दलित समाज के नाम पर महिलाओं का शोषण कर रहे हैं। साथ ही दिल्ली पुलिस पर परिवार को प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। डॉ. रोहिणी के पिता शिव घावरी का कहना है कि सरकार को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। यह मामला न केवल महिला आयोग की जांच के दायरे में है बल्कि आने वाले समय में चंद्रशेखर आज़ाद के लिए एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक चुनौती बन सकता है।

