बरेली। शहर में कल यानि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ का आयोजन किए जाने का ऐलान करने वाले इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खान को पुलिस ने धर दबोचा है। मौलाना के इस ऐलान के बाद सैकड़ों समर्थक बरेली की अल हजरत दरगाह के आसपास जमा हो गए और प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया है, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया था। फिलहाल मामले में पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और कुल 39 लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, इस घटना में 22 पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मौलाना तौकीर रजा समेत 8 लोगों को जेल भेजा गया है। बरेली के एसएसपी ने बताया कि हिंसा के मामले में कुल 10 FIR दर्ज की गईं, जिनमें से कोतवाली थाने में 5, बरादली में 2, प्रेमनगर में 1 और कैंट में 1 FIR दर्ज है। पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और कुल 39 लोगों को हिरासत में लिया है। मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ कुल 7 FIR दर्ज हैं। बरेली हिंसा में कुल 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
दरअसल इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खान ने ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान के समर्थन में प्रदर्शन का ऐलान किया था। लेकिन प्रशासन की मंजूरी नहीं मिलने के कारण उन्होंने प्रदर्शन को ऐन मौके पर टाल दिया। लोगों को जब प्रदर्शन रद्द होने की खबर मिली तो वे नाराज हो गए। साथ ही मस्जिद के पास और रजा के घर के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने प्रदर्शन के स्थगन पर नाराज़गी जताई।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके पर सख्त कार्रवाई की और स्थिति पूरी तरह नियंत्रित कर ली गई है। उन्होंने जनता से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी एक बयान जारी कर कहा कि बरेली हिंसा एक साजिश के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य पश्चिमी यूपी में उद्योग और निवेश को प्रभावित करना था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नमाज से पहले धार्मिक नेताओं के साथ संपर्क में थे और अधिकांश क्षेत्रों में शुक्रवार की नमाज शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने पत्थर फेंके और वाहनों तथा दुकानों को नुकसान पहुंचाया। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि इस घटना में शामिल लोगों की पहचान वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।


