लखनऊ। आई लव मोहम्मद’ पोस्टर अभियान को लेकर तनाव लगातार बढ़ते ही जा रहा है। दूसरी ओर ‘आई लव मोहम्मद’ के नाम पर उपद्रव करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। मामले में मौलाना तौकीर रजा सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, अकेले उत्तर प्रदेश में सैकड़ों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। लेकिन इस बीच दिवंगत मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी सुमईया राना ने एक वीडियो जारी कर उत्तर प्रदेश पुलिस को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अब यूपी और खासकर लखनऊ की सड़कों पर सैलाब निकलेगा। यूपी पुलिस अपनी बंदूकों के साथ तैयार रहे।
मुनव्वर राना की बेटी सुमईया राना ने वीडियो जारी कर कहा है कि “जिस तरह से यूपी पुलिस ने खासकर आज जुमे के बाद जो लोग आई लव मोहम्मद के पोस्टर लेकर निकले थे, उन पर बुरी तरह से लाठीचार्ज किया, ये बहुत ही ज्यादा शर्मनाक है।” “मैं यूपी पुलिस को चैलेंज कर रही हूं, हम लोगों ने कोई ऐसा काम नहीं किया, जिससे लॉ एंड ऑर्डर का कोई सवाल उठ सके। लेकिन अब क्योंकि इन्होंने शुरुआत कर दी है तो यूपी की राजधानी लखनऊ में आई लव मोहम्मद का पोस्टर लेकर कोई भीड़ नहीं आएगी बल्कि पूरा सैलाब आएगा। अब अगर यूपी पुलिस चाहे तो अपनी बंदूकों के साथ तैयार रह सकती है। हम लोग खुशी-खुशी अपने ऊपर गोलियां खा लेंगे। लेकिन ये जुल्म बर्दाश्त नहीं करेंगे कि आई लव मोहम्मद कहने, लिखने और बोलने पर पाबंदी लगा दी जाए।”
सुमईया राना ने कहा, “मेरा जनसैलाब से मतलब है कि आप अगर मोहम्मद साहब के नाम पर आपत्ति जताएंगे तो हम हंसकर गोली खा लेंगे। मैंने कोई हिंसा या उपद्रव की बात नहीं की है। पुलिस बर्बरता के साथ बरेली में कार्रवाई कर रही है। कानपुर में भी एकपक्षीय कार्रवाई हुई है, वहां बात को पुलिस खत्म करवा सकती थी लेकिन टारगेट मुस्लिम रहते हैं। योगी जी ने ठीक कहा है कि हम लोग भी उनका शासन कभी नहीं भूल सकते हैं, कैसे मुसलमानों को टारगेट किया गया, कैसे बुलडोज़र टारगेट करके चलाए गए, हम लोग 27 तक उनका शासन कभी नहीं भूलेंगे। सही कहा है उन्होंने।”
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बरेली में बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर हिंसा भड़क गई थी। कानपुर से शुरू हुआ यह विवाद अब अलग-अलग शहरों में फैलता जा रहा है। बरेली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान पथराव, गोलीबारी और आंसू गैस का भी इस्तेमाल हुआ था। इस उपद्रव के दौरान 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
इस मामले में पुलिस ने 60 लोगों को हिरासत में लिया है और आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं 8 नामजद सहित 1700 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आ रहा है और उसने हर स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। गौरतलब है कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर को बरकरार रखने के लिए योगी सरकार का रवैया शुरू से बेहद सख्त रहा है।

