बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में PG मेडिकल एडमिशन (NEET-PG काउंसलिंग) के नए नियमों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (सीजीडीएफ) ने राज्यभर में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। फेडरेशन का आरोप है कि नई व्यवस्था स्थानीय मेडिकल छात्रों के अधिकारों को सीमित करती है और राज्य के छात्रों से उनके कोटे की सीटें छीनी जा रही हैं।
नई व्यवस्था में स्थानीय छात्रों के अधिकार घटे — CGDF
फेडरेशन ने कहा कि—
- पहले संस्थागत कोटे से मिलने वाली सीटें अब केवल 50% रह गई हैं।
- शेष सीटें ओपन कैटेगरी में जाने से बाहरी राज्यों के छात्रों की प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी।
- मॉप-अप राउंड में मिलने वाली स्थानीय सीटें भी अब ओपन कैटेगरी में शामिल होंगी।
संगठन के अनुसार इससे वास्तविक रूप से राज्य के छात्रों को अब केवल 25% सीटें ही मिल पाएंगी, जो उनके भविष्य के लिए बड़ा नुकसान है।
फेडरेशन ने सरकार से नई अधिसूचना वापस लेने, स्थानीय कोटा सुरक्षित करने और पुराने नियम बहाल करने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ में PG मेडिकल की सीटें — एक नजर में
राज्य में कुल 566 PG मेडिकल सीटें हैं, जिनमें:
- 350 — राज्य कोटा
- 216 — ऑल इंडिया कोटा
- 186 — निजी कॉलेज
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों का बंटवारा
- रायपुर, नेहरू मेडिकल कॉलेज – 146 में से 74 राज्य कोटा
- बिलासपुर – 89 में से 42 राज्य कोटा
- जगदलपुर – 28 में से 15 राज्य कोटा
- राजनांदगांव – 18 में से 9 राज्य कोटा
- अंबिकापुर – 46 में से 23 राज्य कोटा
- रायगढ़ – 40 में से 20 राज्य कोटा
- कोरबा – 13 में से 7 राज्य कोटा
निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटें
- भिलाई – 57 में से 49 राज्य कोटा
- रायपुर निजी कॉलेज 1 – 54 सीटें (अधिकांश राज्य कोटा)
- रायपुर निजी कॉलेज 2 – 57 सीटें (अधिकांश राज्य कोटा)
छात्र–डॉक्टरों ने कहा — ‘स्थानीय भविष्य खतरे में’
सीजीडीएफ का कहना है कि नए नियम से छत्तीसगढ़ के मेडिकल छात्रों की PG पढ़ाई और करियर दोनों पर प्रभाव पड़ेगा।
वे चाहते हैं कि—
- स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता मिले
- पुराने राज्य कोटे की व्यवस्था बहाल हो
- मॉप-अप राउंड में स्थानीय छात्रों के लिए सीटें सुरक्षित रहें
विरोध प्रदर्शन जारी है और फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

