गरियाबंद। राष्ट्रीय कथावाचक एवं छत्तीसगढ़िया महाराज के नाम से प्रसिद्ध आचार्य पंडित युवराज पांडेय की कार को गरियाबंद जिले के कुम्हारपारा के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में वाहन का पिछला हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि आचार्य युवराज पांडेय पूरी तरह सुरक्षित हैं।
कथा कार्यक्रम से लौटते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आचार्य युवराज पांडेय साखरा (बसना) में कथा कार्यक्रम संपन्न कर अपने गृह ग्राम अमलीपदर, विकासखंड मैनपुर लौट रहे थे। इसी दौरान गरियाबंद के कुम्हारपारा क्षेत्र में पीछे से आए एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी।
“यह साधारण दुर्घटना नहीं, मुझ पर सातवां हमला” — आचार्य युवराज पांडेय
घटना के बाद आचार्य युवराज पांडेय ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि यह उनके ऊपर सातवीं बार हमला है। उन्होंने आशंका जताई कि यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश भी हो सकती है।
आचार्य ने कहा,
“मुझे लगातार भय बना हुआ है। बार-बार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। आखिर कौन है जो मुझ पर हमला करवा रहा है? मैंने पहले भी प्रशासन को लिखित शिकायत दी है।”
पहले भी दी जा चुकी है प्रशासन को लिखित शिकायत
आचार्य युवराज पांडेय ने बताया कि उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति या गिरोह से लगातार खतरा महसूस हो रहा है और इस संबंध में वे पूर्व में कई बार प्रशासन को लिखित ज्ञापन सौंप चुके हैं।
कोतवाली थाना पहुंचे आचार्य, ट्रक जब्त
हादसे के बाद आचार्य युवराज पांडेय शिकायत दर्ज कराने कोतवाली थाना पहुंचे। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पा रही है कि यह घटना दुर्घटना है या किसी साजिश का हिस्सा। मामले की जांच जारी है।
अनुयायियों में आक्रोश, सुरक्षा की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही आचार्य युवराज पांडेय के अनुयायियों की भारी भीड़ मौके पर और थाने में एकत्र हो गई। अनुयायियों में आक्रोश और चिंता का माहौल देखने को मिला। परिजनों में भी घटना के बाद गहरी चिंता व्याप्त है।
अनुयायियों का कहना है कि—
- पंडित युवराज पांडेय पर पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं
- यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है
- मामले की गंभीर जांच कर कथावाचक को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए
छत्तीसगढ़िया महाराज की लोकप्रियता
उल्लेखनीय है कि आचार्य पंडित युवराज पांडेय के कथा कार्यक्रम पूरे छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार आयोजित होते रहते हैं। छत्तीसगढ़ी और ओडिशा भाषा पर उनकी मजबूत पकड़ के कारण उनके कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। सरल, मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व के चलते वे सभी वर्गों में अत्यंत लोकप्रिय हैं।
अनुयायियों की चेतावनी
आक्रोशित अनुयायियों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द ठोस कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

