रायपुर/नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी की कीमतों में हाल के महीनों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। सरकार ने संसद को जानकारी दी कि निवेशकों के सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ते रुझान के कारण कीमती धातुओं की मांग में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर इनके दामों पर पड़ा है।
सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण
सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेजी के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध जैसे हालात और आर्थिक अनिश्चितता प्रमुख कारण हैं। ऐसी परिस्थितियों में निवेशक जोखिम भरे विकल्पों से हटकर सुरक्षित माने जाने वाले निवेश साधनों, जैसे सोना और चांदी, की ओर रुख करते हैं।
लोकसभा में एक लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि भारत में सोने और चांदी की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तय होने वाले भाव, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर और देश में लागू करों व शुल्कों पर निर्भर करती हैं।
निवेशकों का सुरक्षित विकल्प बना सोना-चांदी
मंत्री ने कहा कि जब वैश्विक स्तर पर मंदी की आशंका बढ़ती है या आर्थिक अस्थिरता गहराती है, तब निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिमपूर्ण साधनों से निकलकर सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश करते हैं। इससे इन धातुओं की मांग बढ़ती है और कीमतों में उछाल आता है।
उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक और बड़े वित्तीय संस्थान बड़ी मात्रा में सोने की खरीद कर रहे हैं, जिससे वैश्विक मांग और मजबूत हुई है।
संपत्ति मूल्य पर सकारात्मक असर
पंकज चौधरी ने कहा कि चालू वर्ष में सोने और चांदी के दाम बढ़े हैं, लेकिन इसका असर सभी राज्यों और समाज के सभी वर्गों पर समान रूप से नहीं पड़ता। अलग-अलग क्षेत्रों में इन धातुओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व अलग-अलग है।
मंत्री के अनुसार, कीमतों में वृद्धि से उन परिवारों की संपत्ति का मूल्य बढ़ता है, जिनके पास पहले से सोना और चांदी मौजूद है, जिससे घरेलू संपत्ति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कीमती धातुओं की कीमतें पूरी तरह बाजार आधारित होती हैं और सरकार इनके मूल्य निर्धारण में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं निभाती।
आयात के आंकड़े
आंकड़ों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में सितंबर तक भारत ने लगभग 26.51 अरब डॉलर का सोना और 3.21 अरब डॉलर की चांदी का आयात किया है, जो देश में कीमती धातुओं की मजबूत घरेलू मांग को दर्शाता है।

