छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायक तख्तियां और “सत्यमेव जयते” लिखे पोस्टर पहनकर सदन में पहुंचे, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया।
स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने तख्तियां लाने को असंसदीय करार देते हुए प्रश्नकाल में व्यवधान न डालने की हिदायत दी। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि सदन में इस प्रकार की परंपराओं की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की।
इस दौरान भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह की टिप्पणी पर विवाद और बढ़ गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ विधायक बिना पोस्टर के हैं और बाकी को “मजदूर समझकर पोस्टर पहनाकर लाया गया है।” इस टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया।
आसंदी ने दोनों पक्षों से संयम बरतने, पोस्टर और तख्तियां हटाने तथा सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की। इसी बीच कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के प्रश्न पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने व्यवस्था का हवाला देते हुए आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के हस्तक्षेप के दौरान भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
लगातार बढ़ते हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।

