रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, श्रमिक-किसान आंदोलनों के अग्रदूत एवं छत्तीसगढ़ की सामाजिक चेतना के महान प्रतीक ठाकुर प्यारेलाल सिंह की जयंती (21 दिसम्बर) के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह छत्तीसगढ़ की धरती के ऐसे महान सपूत थे, जिन्होंने न केवल देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया, बल्कि श्रमिकों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। वे छत्तीसगढ़ में श्रमिक आंदोलन और सहकारी आंदोलन के प्रणेता के रूप में जाने जाते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन से ही ठाकुर प्यारेलाल सिंह स्वतंत्रता आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। ब्रिटिश शासन के अन्याय, शोषण और दमन के विरुद्ध उन्होंने निर्भीक होकर संघर्ष किया और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखी। श्रमिकों और किसानों को संगठित कर उन्होंने उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया, जिससे समाज में चेतना और आत्मसम्मान की भावना विकसित हुई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह का संपूर्ण जीवन साहस, संघर्ष, त्याग और सेवा के आदर्शों से ओत-प्रोत रहा है। छत्तीसगढ़ के सामाजिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक विकास में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे ठाकुर प्यारेलाल सिंह के विचारों, मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा समाज और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।


