कोरबा। कोरबा जिले में विधायक मद से बनने वाली सड़क के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। करतला विकासखंड में सीसी रोड निर्माण के लिए विधायक मद से स्वीकृत 12 लाख रुपये की राशि में भारी अनियमितता उजागर हुई है। आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से सड़क का निर्माण कराए बिना ही लगभग 90 प्रतिशत राशि निकाल ली गई।
करतला जनपद पंचायत क्षेत्र का मामला, ग्राम पंचायत बड़मार में नहीं दिखा सड़क निर्माण का कोई काम
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरा मामला जनपद पंचायत करतला अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़मार का है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में हाईस्कूल से मेन रोड तक सीसी रोड निर्माण के लिए विधायक मद से 12 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। राशि जारी होने के बावजूद आज तक न तो सड़क निर्माण शुरू हुआ और न ही मौके पर कोई निर्माण सामग्री नजर आई।
सड़क बने बिना ही 10 लाख 80 हजार रुपये की निकासी, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर न तो सीमेंट, गिट्टी जैसी सामग्री गिराई गई और न ही निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसके बावजूद कागजों में सड़क निर्माण दिखाकर 10 लाख 80 हजार रुपये का आहरण कर लिया गया। इस कथित भ्रष्टाचार से गांव में नाराजगी का माहौल है।
पहली किश्त में 50 फीसदी भुगतान, फिर भी नहीं शुरू हुआ काम
नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य में भुगतान कार्य प्रारंभ होने और प्रगति के अनुसार किया जाता है। लेकिन इस मामले में बिना काम शुरू हुए ही ठेकेदार को पहली किश्त के रूप में 6 लाख रुपये यानी 50 प्रतिशत भुगतान कर दिया गया। इसके बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया।
दूसरी किश्त में 40 फीसदी राशि भी जारी, नियमों की खुलेआम अनदेखी
इतना ही नहीं, अधिकारियों द्वारा दूसरी किश्त के रूप में 40 प्रतिशत यानी 4 लाख 80 हजार रुपये भी जारी कर दिए गए। इस तरह कुल 90 प्रतिशत राशि का भुगतान बिना कार्य किए ही कर दिया गया, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुणवत्ता, उपयोगिता और बोर्ड प्रमाण पत्र के बिना कैसे हुआ भुगतान?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ तो पहली और दूसरी किश्त किस आधार पर जारी की गई। बिना गुणवत्ता प्रमाण पत्र, उपयोगिता प्रमाण पत्र और सूचना बोर्ड के प्रमाण के आखिर किस नियम के तहत 90 फीसदी भुगतान किया गया।
जनपद की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल, जांच की मांग तेज
इस पूरे मामले ने एक बार फिर करतला जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे मामलों को और बढ़ावा मिलेगा।
सीईओ से संपर्क का प्रयास, मोबाइल बंद मिलने से संदेह और गहराया
मामले पर जनपद पंचायत करतला के सीईओ से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। इससे पूरे प्रकरण को लेकर संदेह और गहरा गया है।
अब कार्रवाई होगी या जांच के नाम पर दब जाएगा मामला, नजरें जिला प्रशासन पर
अब देखना यह होगा कि जिला स्तर से इस पूरे प्रकरण में कोई ठोस कार्रवाई होती है या फिर पूर्व के मामलों की तरह यह भी जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। आने वाला वक्त ही बताएगा कि दोषियों पर शिकंजा कसता है या नहीं।

