छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में अच्छी हालत में मौजूद सड़कों को उखाड़कर दोबारा बनाए जाने को लेकर भाजपा सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। विपक्ष ने इस फैसले को विकास के बजाय विनाश का मॉडल करार देते हुए सरकार और संबंधित मंत्री ओपी चौधरी के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि जिन सड़कों की मरम्मत की कोई वास्तविक आवश्यकता नहीं थी, उन्हें जानबूझकर तोड़ा गया। आरोप लगाया गया है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि नए टेंडर जारी किए जा सकें और ठेकेदारी व कमीशन की नई श्रृंखला तैयार हो सके। विपक्ष ने इसे जनता के पैसे की खुली बर्बादी बताया है।
सिर्फ राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिकों में भी इस कार्रवाई को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि अचानक सड़कों की खुदाई से पूरे इलाके में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इसके साथ ही धूल प्रदूषण बढ़ गया है और दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अब योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है और अच्छी सड़कों को उखाड़कर दोबारा बनाना ही वर्तमान सरकार का नया विकास मॉडल बन चुका है। नेताओं ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने और जिम्मेदार मंत्रियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, इस पूरे विवाद पर सरकार या मंत्री ओपी चौधरी की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार की चुप्पी के चलते सवाल और गहरे होते जा रहे हैं और यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

