रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में एक अहम निर्णय लेते हुए धान खरीदी की अवधि में दो दिनों की बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों की मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। सरकार के इस निर्णय से वे किसान भी लाभान्वित हो सकेंगे, जो किसी कारणवश तय समयसीमा में अपना धान नहीं बेच पाए थे।
5 और 6 फरवरी को होगी अतिरिक्त धान खरीदी
जारी कार्यक्रम के अनुसार, 5 और 6 फरवरी 2026 को राज्य के उन किसानों से धान खरीदा जाएगा—
- जो पहले से पंजीकृत हैं
- जिनका टोकन कट चुका है
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल पात्र किसानों से ही धान खरीदी की जाएगी, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
अब तक की धान खरीदी का आंकड़ा
15 नवंबर 2025 से शुरू हुए धान खरीदी महाभियान के तहत
- 31 जनवरी 2026 तक
- 25 लाख 11 हजार से अधिक किसानों से
- लगभग 140 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।
धान खरीदी के एवज में किसानों को अब तक
33 हजार 149 करोड़ रुपये का भुगतान
बैंक लिंकिंग व्यवस्था के माध्यम से सीधे उनके खातों में किया गया है।
छूटे किसानों को मिलेगा लाभ
धान खरीदी की तिथि बढ़ाए जाने से उन किसानों को बड़ी राहत मिली है, जो किसी तकनीकी या व्यक्तिगत कारण से समय पर धान नहीं बेच पाए थे। अब वे सुगमता से अपनी उपज बेच सकेंगे।
प्रदेश में खुले 2,740 धान उपार्जन केंद्र
इस खरीफ सीजन में
- 27 लाख 43 हजार 145 किसानों ने पंजीयन कराया है।
- प्रदेशभर में संचालित 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की जा रही है।
पूरी प्रक्रिया को डिजिटल निगरानी, पारदर्शी व्यवस्था और सख्त सत्यापन के साथ संचालित किया जा रहा है, ताकि वास्तविक किसानों को ही लाभ मिले और बिचौलियों या फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश न रहे।
सरकार का स्पष्ट संदेश
राज्य सरकार ने दोहराया है कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उनकी मेहनत का पूरा मूल्य उन्हें समय पर मिले, यही सरकार की प्राथमिकता है।


