कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सामने आए बहुचर्चित “चूहा खा गए धान” मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। धान घोटाले को लेकर विवादों में घिरे जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) अभिषेक मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। मीडिया में भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बयान देने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।

यह निलंबन आदेश रायपुर स्थित मार्कफेड के प्रबंध संचालक द्वारा जारी किया गया है। दरअसल, वर्ष 2024-25 में कवर्धा जिले में करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य के धान की कमी सामने आई थी। इस गंभीर मामले में डीएमओ अभिषेक मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि धान चूहों, दीमकों और अन्य कीटों द्वारा खा लिया गया है।
डीएमओ के इस बयान के सामने आते ही प्रदेशभर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार छिपाने की कोशिश बताया, वहीं आम जनता के बीच भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे।
धान घोटाले के इस प्रकरण में इससे पहले बाजार चारभाठा के संग्रहण प्रभारी प्रीतेश पांडेय को भी निलंबित किया जा चुका है। अब डीएमओ अभिषेक मिश्रा के निलंबन के बाद माना जा रहा है कि पूरे मामले की गहराई से जांच होगी और आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल यह कार्रवाई प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

