रायपुर/अंबिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेला 2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों को दी जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण
विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में साल का पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की।
कृषि पर निर्भर 80 प्रतिशत आबादी
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, जहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपये में धान खरीदी कर रही है और अंतर राशि का भुगतान भी किया जा रहा है।
तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर
उन्होंने बताया कि देश अभी केवल 57 प्रतिशत तिलहन उत्पादन कर पा रहा है, जबकि 43 प्रतिशत आयात करना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिए किसानों से तिलहन उत्पादन बढ़ाने और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की अपील की गई।
किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार ने तिलहन फसलों के लिए प्रति एकड़ 11 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की है। साथ ही पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी
मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी सुधार के बाद कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी आई है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
कृषि विश्वविद्यालय दे रहा प्रशिक्षण
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि राज्य में 28 कृषि महाविद्यालय, 27 कृषि विज्ञान केंद्र और अनुसंधान संस्थानों के माध्यम से हर साल लगभग 50 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कई मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

