छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूरों के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत इस वर्ष लगभग 5 लाख परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
करीब 5 लाख परिवारों को मिलेगी सहायता
सरकार इस योजना के अंतर्गत 4,95,965 पात्र हितग्राहियों के खातों में सीधे 10,000 रुपये प्रति परिवार की दर से राशि अंतरित करेगी। इसके लिए कुल 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना में 22,028 बैगा और गुनिया परिवारों को भी शामिल किया गया है, जो राज्य की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षक माने जाते हैं।
पिछले साल भी मिला था लाभ
वर्ष 2025 में भी इस योजना के तहत 5,62,112 हितग्राहियों को 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये की सहायता दी गई थी। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार भूमिहीन मजदूरों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत है।
25 मार्च को होगा राशि वितरण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से इस योजना की राशि का वितरण करेंगे। यह कार्यक्रम ‘अंत्योदय’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
7 हजार से बढ़ाकर 10 हजार की सहायता
योजना के तहत पहले 7,000 रुपये की वार्षिक सहायता दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। इससे परिवार अपनी जरूरतों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक खर्च—को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे।
समावेशी विकास की ओर मजबूत कदम
यह योजना इस बात का उदाहरण है कि स्पष्ट नीति और समावेशी विकास के जरिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक भी सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकता है।

