रायपुर। छत्तीसगढ़ बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब री-वैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के दौरान छात्रों के अंक कम नहीं किए जाएंगे। शिक्षा मंडल की नई गाइडलाइन के अनुसार, यदि कोई छात्र अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं है और दोबारा जांच के लिए आवेदन करता है, तो उसके अंक या तो बढ़ेंगे या पहले जैसे ही रहेंगे, लेकिन घटाए नहीं जाएंगे।
इस फैसले से छात्रों की लंबे समय से चली आ रही चिंता खत्म हो गई है। अब विद्यार्थी बिना किसी डर के अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करा सकेंगे।
बोर्ड ने री-टोटलिंग, री-वैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बना दिया है। छात्रों को रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। तय समय सीमा के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत री-टोटलिंग में एक अंक की भी वृद्धि या कमी होने पर उसे पूरी तरह मान्य किया जाएगा। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ेगी।
वहीं, नक्सल प्रभावित जिलों के छात्रों को विशेष राहत देते हुए री-वैल्यूएशन शुल्क में 50 प्रतिशत तक की छूट देने का फैसला किया गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
इसके अलावा, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 75 प्रतिशत उपस्थिति नियम को सख्ती से लागू किया है। इसके चलते करीब 1400 से अधिक छात्र 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए, जिससे उनका एक साल प्रभावित हुआ है।


