रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच में CBI ने बुधवार को रायपुर, दुर्ग और भिलाई में बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीम ने परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के रायपुर स्थित निवास पर छापेमारी की। इसके अलावा रिटायर्ड IAS जे.के. ध्रुव और राज्यपाल के पूर्व सचिव अमृत खलखो के ठिकानों पर भी जांच की गई।
पूर्व IAS और पूर्व सचिव के घर पहुंची CBI
जानकारी के अनुसार, भिलाई सेक्टर-10 स्थित जे.के. ध्रुव के निवास पर सुबह से दस्तावेजों की जांच की गई। जे.के. ध्रुव पहले से ही CGPSC भर्ती घोटाले के मामले में आरोपी हैं और फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं तालपुरी, भिलाई स्थित अमृत खलखो के घर पर भी CBI टीम ने जांच की। अमृत खलखो के बेटे और बेटी का चयन राज्य सेवा परीक्षा में उच्च पदों पर हुआ था।
2020 से 2022 की भर्ती प्रक्रिया जांच के घेरे में
CGPSC भर्ती घोटाला वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं से जुड़ा है। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की अनदेखी कर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों और करीबियों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर चयनित किया गया।
CBI जांच में यह भी आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्तेदारों और परिचितों को अनुचित लाभ पहुंचाया। जांच एजेंसी के अनुसार चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता भंग करने में कुछ अधिकारियों की भी भूमिका रही है।
आरती वासनिक पर गंभीर आरोप
CBI के मुताबिक परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर पर प्रश्नपत्र लीक करने तथा गोपनीय जानकारी साझा करने के आरोप हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र कुछ चुनिंदा लोगों तक पहुंचाए गए, जिनके परिजनों का बाद में उच्च पदों पर चयन हुआ।
सितंबर 2025 में हुई थीं गिरफ्तारियां
इस मामले में CBI पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जीवन किशोर ध्रुव, आरती वासनिक, सुमित ध्रुव, मिशा कोसले और दीपा आदिल शामिल हैं। सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
जुलाई 2024 में दर्ज हुई थी FIR
राज्य सरकार की अनुशंसा पर CBI ने 9 जुलाई 2024 को इस मामले में FIR दर्ज की थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों को दरकिनार कर परीक्षा और इंटरव्यू प्रक्रिया को प्रभावित किया गया, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ।
दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच जारी
CBI की ताजा छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती घोटाले में और किन लोगों की भूमिका रही तथा चयन प्रक्रिया को किस स्तर तक प्रभावित किया गया।

