नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में ऐसी अटकलें हैं कि मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं या उन्हें बाहर किया जा सकता है।
ध्यान दें: केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल ये केवल राजनीतिक चर्चाएं और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित अटकलें हैं।
इन नामों की हो रही चर्चा
मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक चर्चाओं में जिन संभावित नामों का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें—
- नीतीश कुमार
- शक्तिकांत दास
- सुखेंदु शेखर राय
- तरुण चुग
- राघव चड्ढा
- श्रीकांत शिंदे
- अनुराग ठाकुर
शामिल हैं।
इन मंत्रियों के प्रभार बदलने की अटकलें
चर्चाओं के अनुसार कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में बदलाव या नई जिम्मेदारी दिए जाने की भी अटकलें हैं। इनमें—
- मनोहर लाल खट्टर
- रवनीत सिंह बिट्टू
- अश्विनी वैष्णव
- धर्मेंद्र प्रधान
- निर्मला सीतारमण
- हरदीप सिंह पुरी
- नितिन गडकरी
के नाम चर्चा में हैं।
शक्तिकांत दास को लेकर क्यों हो रही चर्चा?
पूर्व RBI गवर्नर और पूर्व IAS अधिकारी शक्तिकांत दास का नाम संभावित वित्त मंत्री के तौर पर चर्चा में है। वित्त मंत्रालय और आर्थिक नीतियों का लंबा अनुभव रखने वाले शक्तिकांत दास 2018 से 2024 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। इससे पहले वे वित्त मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और कई केंद्रीय बजट तैयार करने की प्रक्रिया का भी हिस्सा रहे हैं।
हालांकि, वे फिलहाल संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। यदि भविष्य में उन्हें मंत्री बनाया जाता है, तो संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार निर्धारित अवधि के भीतर उन्हें संसद का सदस्य बनना होगा।
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

