रायपुर। राजधानी रायपुर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित E-20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। शहर के कई स्थानीय ऑटो वर्कशॉप और गैर-अधिकृत सर्विस सेंटरों पर ऐसे वाहन पहुंच रहे हैं, जिनके मालिक माइलेज में 4 से 5 किलोमीटर प्रति लीटर तक की कमी, इंजन की परफॉर्मेंस घटने और फ्यूल टैंक में पानी जमा होने जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अधिकृत सर्विस सेंटरों का अनुभव इससे अलग है।
2023 से पहले के वाहनों पर अधिक असर की आशंका
ऑटो मैकेनिकों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ऐसे मामलों की संख्या सामान्य से अधिक बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2023 से पहले निर्मित कुछ वाहनों में E-20 ईंधन का उपयोग इंजन, फ्यूल सिस्टम और माइलेज को प्रभावित कर सकता है।
वहीं, अधिकृत ऑटोमोबाइल कंपनियों के शोरूम और सर्विस सेंटरों का कहना है कि उनके यहां E-20 पेट्रोल से जुड़ी कोई असामान्य तकनीकी शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
ARAI की सलाह
ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के अनुसार, वर्ष 2023 से पहले बने कुछ वाहनों में E-20 ईंधन के उपयोग से तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं। ऐसे वाहनों में एथेनॉल-कंपैटिबल फ्यूल पाइप और रबर रिंग्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
पेट्रोल पंपों पर जानकारी का अभाव
रायपुर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा संबंधी स्पष्ट सूचना प्रदर्शित नहीं की गई है। वहीं सोशल मीडिया पर E-20 पेट्रोल को लेकर फ्यूल टैंक में नमी और पानी जमा होने जैसे कई दावे वायरल हो रहे हैं। हालांकि इन दावों की किसी सरकारी या आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों की अलग-अलग राय
रायपुर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिल धगट ने बताया कि E-20 पेट्रोल तेल कंपनियों द्वारा पहले से मिश्रित रूप में पेट्रोल पंपों तक भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक पेट्रोल पंप पर पानी की शिकायत मिली थी, लेकिन जांच में इसकी वजह टैंक में लीकेज पाई गई, जिसे बाद में सुधार दिया गया।
वहीं, चंगोराभाठा स्थित एक ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर के संचालक राकेश देवांगन का कहना है कि उनके पास प्रतिदिन 7 से 8 ऐसे वाहन आ रहे हैं, जिनमें माइलेज कम होने और फ्यूल टैंक में पानी मिलने की शिकायत है। उनका मानना है कि बारिश के मौसम में टैंक में लीकेज के कारण भी पानी पहुंच सकता है, लेकिन इस बार ऐसे मामलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक दिखाई दे रही है।
दूसरी ओर, सिटी होंडा ऑटोमोबाइल्स के मैकेनिक चेतन साहू ने कहा कि उनके सर्विस सेंटर में E-20 पेट्रोल से जुड़ी कोई विशेष तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है। उनके अनुसार, वाहन का माइलेज सड़क की स्थिति, ट्रैफिक, ड्राइविंग शैली और नियमित सर्विसिंग जैसे कई कारकों पर भी निर्भर करता है।
फिलहाल E-20 पेट्रोल को लेकर अलग-अलग दावे और अनुभव सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि वाहन निर्माता के निर्देशों के अनुसार ईंधन का उपयोग करें और समय-समय पर वाहन की सर्विसिंग कराते रहें।


