रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में चलाया जा रहा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान जशपुर जिले में व्यापक जनसमर्थन हासिल कर रहा है। वन महोत्सव के तहत जशपुर वनमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, वन सुरक्षा समितियों, स्व-सहायता समूहों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वन परिक्षेत्र पत्थलगांव, बगीचा और कांसाबेल में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान शासकीय प्रताप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (पत्थलगांव), बालक आश्रम बिमड़ा (बगीचा) तथा आंगनबाड़ी केंद्र लमडांड और प्राथमिक विद्यालय केन्दुटोला (कांसाबेल) में छायादार, फलदार और स्थानीय जलवायु के अनुरूप विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों और अतिथियों ने कहा कि वृक्ष जलवायु संतुलन, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं, बल्कि मातृत्व के सम्मान, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।
इस दौरान विद्यार्थियों को वृक्षों के पर्यावरणीय, सामाजिक और वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें जल संरक्षण, हरित वातावरण और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया।
वन विभाग ने बताया कि वन महोत्सव के दौरान जशपुर वनमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, वन सुरक्षा समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवा मंडलों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
वनमंडलाधिकारी ने कहा कि अभियान के तहत लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल और संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी निभाएं, ताकि हरित, स्वच्छ और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य साकार हो सके।


