रायपुर/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने वनवासी और तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को बड़ी सौगात देते हुए वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का ऑनलाइन भुगतान कर दिया है। मरवाही वनमंडल अंतर्गत पेण्ड्रारोड जिला लघु वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से 9 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के 10,160 हितग्राहियों के बैंक खातों में 1 करोड़ 39 लाख 36 हजार 718 रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए।
यह राशि एमएफपी कलेक्शन एंड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की गई।
6,593 मानक बोरा संग्रहण के आधार पर मिला बोनस
जिले में 6,593 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण के आधार पर बोनस राशि का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार वनवासी समुदायों की आजीविका को मजबूत करने, समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और लघु वनोपज आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
हजारों वनवासी परिवारों को मिला आर्थिक संबल
वनमंडल अधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक ग्रीष्मी चांद के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान से हजारों वनवासी परिवारों को आर्थिक राहत मिली है। हितग्राही इस बोनस राशि का उपयोग कृषि कार्य, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कर सकेंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा बल
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण का पारिश्रमिक 4,000 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से पहले ही भुगतान किया जा चुका था। अब प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) मिलने से संग्राहकों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। इससे वनवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी और हितग्राही-केंद्रित योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से बोनस राशि का भुगतान इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।


