रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार दूरस्थ और विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के अभियान को लगातार आगे बढ़ा रही है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग ने गौरेला विकासखंड के दुर्गम बैगा बाहुल्य ग्राम छिरहिट्टी (साल्हेघोरी) में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क उपचार, परामर्श और दवाइयों का वितरण किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में 164 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर का उद्देश्य मौसमी बीमारियों की समय पर पहचान, उपचार और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।
शिविर में हड्डी रोग, महिला रोग, नेत्र रोग और मेडिसिन विशेषज्ञों सहित चिकित्सकों की टीम ने सेवाएं दीं। इस दौरान जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं तथा गंभीर मामलों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक, चाहे वह कितने ही दुर्गम क्षेत्र में रहता हो, स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
शिविर के दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ाने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


