रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने स्वतंत्रता दिवस 2026 को पूरे प्रदेश में भव्य, गरिमामय और प्रेरणादायी ढंग से मनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का आयोजन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पूरे प्रदेश में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शासन ने सभी जिला कलेक्टरों और विभागीय प्रमुखों को समारोहों की समुचित तैयारी और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर में मुख्यमंत्री करेंगे ध्वजारोहण
राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में 15 अगस्त की सुबह 9 बजे मुख्य राज्य स्तरीय समारोह आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और प्रदेशवासियों के नाम अपना संदेश देंगे।
‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन होगा अनिवार्य
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सभी शासकीय कार्यक्रमों में सामूहिक गायन अनिवार्य किया गया है।
राज्य स्तरीय परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष एवं महिला), नगर सेना, एनसीसी तथा बैंड प्लाटून की टुकड़ियां हिस्सा लेंगी।
जिलों में मंत्री करेंगे ध्वजारोहण
सभी जिला मुख्यालयों में शासन द्वारा नामित मंत्री ध्वजारोहण करेंगे, परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी।
जनपद पंचायत मुख्यालयों में जनपद अध्यक्ष, नगर निकायों में अध्यक्ष तथा ग्राम पंचायतों में सरपंच ध्वजारोहण करेंगे। इन कार्यक्रमों में राष्ट्रगान, देशभक्ति संदेश और राष्ट्रीय एकता पर आधारित आयोजन होंगे।
शहीद परिवारों का होगा सम्मान
शासन ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को जिला स्तरीय समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए।
सरकारी भवन होंगे रोशनी से जगमग
15 अगस्त की रात प्रदेश के सभी शासकीय भवनों, कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। इसका खर्च संबंधित विभाग वहन करेंगे। साथ ही आम नागरिकों और निजी संस्थानों से भी अपने भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और रोशनी करने की अपील की गई है।
स्कूलों में होंगे विशेष कार्यक्रम
सभी शासकीय एवं शिक्षण संस्थानों में सुबह 9 बजे से पहले ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिताएं और वृक्षारोपण जैसे आयोजन किए जाएंगे।
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए जिला कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा, तथा केवल देशभक्ति और मर्यादित गीतों का ही प्रसारण किया जा सकेगा।


