नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने बातचीत की पहल करते हुए आंदोलनरत छात्रों से संवाद का प्रस्ताव दिया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों की सुविधा के अनुसार किसी भी समय और किसी भी स्थान पर बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही CJP ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा है कि यदि बातचीत करनी है तो सरकार के प्रतिनिधि जंतर-मंतर आकर छात्रों से संवाद करें।
‘हमारे लिए प्रतिष्ठा का सवाल नहीं’ : जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने छात्रों से आंदोलन समाप्त कर बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं और छात्र चाहें तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या मंत्रालय में आकर अपनी बात रख सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक छात्रों और उनके प्रतिनिधियों को चार बार औपचारिक रूप से बातचीत का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उनके अनुसार यह किसी प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य का विषय है।
पीएम मोदी बताए गए संवेदनशील
जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले को लेकर गंभीर और संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि युवाओं का विश्वास बहाल किया जा सके।
CJP ने रखी जंतर-मंतर आने की शर्त
दूसरी ओर, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही CJP ने सरकार के आवास या मंत्रालय में जाकर बातचीत करने से इनकार कर दिया है। संगठन का कहना है कि उनकी मांगें सार्वजनिक हैं और यदि सरकार समाधान चाहती है तो उसके प्रतिनिधियों को जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के बीच बातचीत करनी चाहिए।
बातचीत पर बना गतिरोध
सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत को लेकर फिलहाल सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों पक्ष किसी साझा मंच पर बातचीत के लिए तैयार होते हैं या आंदोलन आगे और तेज होता है।


