जशपुर। जशपुर जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र में दर्ज एक बेहद संवेदनशील पॉक्सो मामले में विशेष न्यायालय ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जशपुर पुलिस की त्वरित विवेचना और प्रभावी अभियोजन के चलते आरोपी को कठोर दंड मिला।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) एवं विशेष न्यायालय (पॉक्सो) के न्यायाधीश जनार्दन खरे ने आरोपी कलेश्वर राम विश्वकर्मा (42) को अपनी 13 वर्षीय पुत्री से दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने थाना कांसाबेल में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पति पिछले तीन वर्षों से अपनी नाबालिग पुत्री के साथ लगातार दुष्कर्म कर रहा था। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
त्वरित जांच और मजबूत साक्ष्यों से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में थाना कांसाबेल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए चिकित्सीय परीक्षण, न्यायालयीन बयान और अन्य सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। आरोपी को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने समयबद्ध तरीके से विवेचना पूरी कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान पेश किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।
विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार तिर्की की प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के चलते अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के प्रति जशपुर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध विवेचना और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को कठोरतम सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जशपुर पुलिस पूरी प्रतिबद्धता और सतर्कता के साथ कार्य कर रही है।


