नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में सोमवार को पहली सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत में CBI की ओर से सरकारी वकील के उपस्थित नहीं होने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को सुबह 10 बजे होगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलीगा को सोमवार को आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई करनी थी, लेकिन सरकारी वकील की अनुपस्थिति के कारण इस पर भी कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
अदालत ने डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन को निर्देश दिया है कि इस मामले के लिए जल्द से जल्द एक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया जाए, ताकि सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो।
सीबीआई अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल उस गिरोह का हिस्सा थे, जिसने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक कर कई अभ्यर्थियों तक पहुंचाया।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोहराया है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नए कानून और सुधार लागू किए जा रहे हैं। परीक्षा सुधारों और नई तकनीक के बेहतर उपयोग के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स गठित किए जाने की भी घोषणा की गई है।


