रायपुर। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जशपुर जिले के दूरस्थ विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, नियमित उपचार, पोषण सहायता और स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी पीवीटीजी टीबी मरीजों को गोद लेकर उपचार अवधि के दौरान नियमित रूप से निक्षय पोषण आहार किट उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और लगातार निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है।
चार नए मरीजों तक पहुंची स्वास्थ्य टीम
अभियान के तहत 1 अगस्त 2026 को बगीचा विकासखंड के गायबुड़ा, महादेवजोबला, रोकड़ापाठ और भट्टीकोना गांवों में नव-पंजीकृत चार टीबी मरीजों के घर स्वास्थ्य टीम पहुंची। इस दौरान मरीजों को पोषण आहार किट वितरित की गई, स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
परिवारों की भी हुई स्क्रीनिंग
पीवीटीजी हेल्पडेस्क के सहयोग से मरीजों के परिवार के सदस्यों की भी टीबी स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, समय पर जांच, नियमित दवा लेने और उपचार बीच में नहीं छोड़ने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
टीबी मुक्त जिले की दिशा में प्रयास जारी
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस अभियान से समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है और टीबी उन्मूलन सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी लोगों की भागीदारी मजबूत हुई है। विभाग ने बताया कि टीबी मुक्त जशपुर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पोषण सहायता और जनजागरूकता अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।


