रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (Listing) करने का फैसला लिया है। इस पहल का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना और बिजली उत्पादन के लिए पूंजी जुटाना है।
सरकार इस प्रक्रिया के तहत 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी करेगी। इन बॉन्ड पर राज्य सरकार मूलधन और ब्याज भुगतान की गारंटी देगी तथा प्रत्याभूति शुल्क में भी छूट प्रदान करेगी। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य की ऊर्जा परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती मिलेगी।
2,960 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता
वर्तमान में CSPGCL चार तापीय और एक जलविद्युत परियोजना के माध्यम से 2,960 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रही है। इसमें 2,840 मेगावाट तापीय और 120 मेगावाट जलविद्युत क्षमता शामिल है। राज्य की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 11 प्रतिशत है।
नई सुपरक्रिटिकल परियोजनाओं पर जोर
वित्त वर्ष 2026-27 से 2029-30 के पूंजी निवेश योजना के तहत हसदेव ताप विद्युत गृह, कोरबा में 2×660 मेगावाट (1,320 मेगावाट) की नई सुपरक्रिटिकल इकाइयों की स्थापना की योजना है। इसके साथ ही सभी प्रमुख ताप विद्युत संयंत्रों में FGD (Flue Gas Desulphurization) प्रणाली स्थापित की जा रही है, ताकि पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन को नियंत्रित किया जा सके।
आधुनिकीकरण और हरित ऊर्जा पर फोकस
सरकार पुराने बिजली संयंत्रों के आधुनिकीकरण, उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने और जीवनकाल बढ़ाने के लिए भी निवेश कर रही है। साथ ही राज्य की ऊर्जा नीति के अनुरूप सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि CSPGCL की लिस्टिंग से कंपनी को वित्तीय संसाधन जुटाने में आसानी होगी, जिससे बिजली उत्पादन, अधोसंरचना विकास और भविष्य की ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिलेगी।


