रायपुर, 7 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी की। इसके तहत प्रदेश की 67 लाख 20 हजार 125 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से 630 करोड़ 55 लाख 54 हजार 300 रुपये की राशि अंतरित की गई।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार तथा संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव उपस्थित रहीं।
मातृशक्ति के खातों में पहुंची 30वीं किस्त
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि जब माताएं और बहनें आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो परिवार मजबूत होता है, बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है और समाज विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता है। इसी वजह से मातृशक्ति का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
सिर्फ ₹1,000 की सहायता नहीं, आत्मनिर्भरता का माध्यम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने का माध्यम बन चुकी है।
योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। कई महिलाएं अपने बच्चों की शिक्षा पर राशि खर्च कर रही हैं, जबकि कुछ माताएं अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर रही हैं।
इसके अलावा महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, किराना दुकान, सब्जी विक्रय, पशुपालन और अगरबत्ती निर्माण जैसे छोटे स्वरोजगार शुरू किए हैं। इससे उनकी आय बढ़ाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिली है।
DBT से पारदर्शिता, महिलाओं का बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
महतारी वंदन योजना में DBT के माध्यम से हर महीने राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है और महिलाओं में शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वरोजगार, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है। महतारी वंदन योजना इन प्रयासों का महत्वपूर्ण आधार बनकर महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान प्रदान कर रही है।
30 किस्तों में ₹19,444.33 करोड़ से ज्यादा का भुगतान
महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी। 30वीं किस्त जारी होने के बाद योजना के तहत अब तक वितरित कुल राशि 19 हजार 444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक हो गई है।
नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ने, घरेलू निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत होने तथा बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ने का दावा किया गया है।
योजना के माध्यम से अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। वहीं महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों और छोटे व्यवसायों के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित करना भी शुरू किया है।
महिला सशक्तिकरण से विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण समावेशी विकास की मजबूत आधारशिला है। महतारी वंदन योजना मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती दे रही है।
राज्य सरकार का मानना है कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं न केवल अपने परिवार की स्थिति मजबूत करती हैं, बल्कि प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी सोच के साथ महतारी वंदन योजना को विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।


