रायपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनती जा रही है। योजना लोगों को स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने के साथ बिजली के बढ़ते खर्च से राहत भी दे रही है।
बिलासपुर के चांटीडीह निवासी अशोक कुमार साहू इसका एक उदाहरण हैं। योजना का लाभ लेकर अपने घर पर सोलर पैनल लगवाने के बाद उनके बिजली बिल में काफी कमी आई है और अब वे हर महीने करीब 3500 रुपये की बचत कर रहे हैं।
योजना की जानकारी के बाद लगवाए सोलर पैनल
अशोक कुमार साहू ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और अन्य प्रचार-प्रसार माध्यमों से मिली। योजना की विशेषताओं और लाभों के बारे में जानने के बाद उन्होंने अपने घर पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराने का निर्णय लिया।
आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्होंने अपने आवास पर 3 किलोवॉट और 4 किलोवॉट क्षमता के सोलर पैनल लगवाए।
बिजली बिल में आई बड़ी राहत
अशोक साहू ने बताया कि पहले हर महीने बिजली बिल का भुगतान परिवार के नियमित खर्चों का महत्वपूर्ण हिस्सा था। खासकर गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने के साथ बिल भी ज्यादा आता था।
लेकिन सोलर पैनल लगने के बाद स्थिति में बड़ा बदलाव आया। अब उनके घर की बिजली की अधिकांश जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी हो रही है, जिससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्तमान में वे हर महीने करीब 3500 रुपये की बचत कर रहे हैं।
यह बचत अब परिवार की अन्य आवश्यक जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और घरेलू खर्चों में उपयोग हो रही है।
सब्सिडी से कम हुई सोलर संयंत्र की लागत
साहू ने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे सोलर संयंत्र स्थापित करने की लागत काफी कम हो गई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है।
हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील
अशोक कुमार साहू ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठाए, तो इससे न केवल आर्थिक बचत होगी, बल्कि देश में हरित ऊर्जा को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति योजना के लिए आभार व्यक्त किया।


