रायपुर। रक्षाबंधन के मौके पर देश की सीमाओं पर तैनात जवानों तक कवर्धा की बहनों का स्नेह पहुंचाने के लिए ‘ऑपरेशन रक्षा सूत्र’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भारत माता चौक में आयोजित इस कार्यक्रम में कवर्धा जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों ने अपने हाथों से तैयार राखियां देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों के लिए समर्पित कीं।
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, कवर्धा की माताएं-बहनें, सेना के जवान, कस्तूरबा गांधी विद्यालय की बालिकाएं, सखी सेंटर का स्टाफ, जिला महिला सशक्तिकरण के अधिकारी-कर्मचारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत सेना के जवानों द्वारा भारत माता की आरती के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं ने सैनिक भाइयों को राखियां बांधकर उनके प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया। इस दौरान ‘जय जवान’ के नारों से पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा।
खास बात यह रही कि जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों द्वारा तैयार की गई राखियों को एकत्र कर भारतीय सेना तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इन राखियों के साथ कवर्धा की बहनों की शुभकामनाएं और देश की रक्षा में जुटे जवानों के प्रति कृतज्ञता का संदेश भी सीमा तक पहुंचेगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि राखी केवल एक धागा नहीं है, बल्कि यह सैनिकों के प्रति विश्वास, सम्मान, आशीर्वाद और कृतज्ञता का प्रतीक है। जो जवान अपने परिवार और अपनों से दूर रहकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, उनके लिए समाज की ओर से भेजा गया यह रक्षा सूत्र उनके मनोबल को और मजबूत करेगा।
‘ऑपरेशन रक्षा सूत्र’ के माध्यम से विद्यार्थियों, महिलाओं और आम नागरिकों से भी सैनिकों के लिए रक्षा सूत्र और शुभकामना संदेश भेजने की अपील की गई है। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि देश की सीमा पर तैनात जवान भले ही अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन देशवासियों का स्नेह और आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है।
कवर्धा से भेजी जा रही ये राखियां अब देश की सीमाओं तक पहुंचेंगी और हर रक्षा सूत्र जवानों को यह एहसास कराएगा कि वे सरहद पर डटे हैं और पूरा देश उनके साथ खड़ा है।


