रायपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत राज्य के किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और आवश्यक कृषि आदान यानी उर्वरक एवं दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका सकारात्मक असर अब धरातल पर भी नजर आने लगा है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में नई उम्मीद जगी है।
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम कृष्णापुर निवासी किसान शुभम दुबे ने अपनी लगभग दो एकड़ भूमि पर मक्का की खेती की है। कृषि विभाग की ओर से उन्हें उन्नत किस्म के मक्का बीज, खाद और खरपतवार नियंत्रण के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई थीं।
कृषक शुभम दुबे ने बताया कि पहले वे अपने खेत में पारंपरिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे, लेकिन उससे अपेक्षित उत्पादन और लाभ नहीं मिल पाता था। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन से जुड़ने के बाद उन्होंने उन्नत किस्म के बीज और पोषण प्रबंधन के साथ मक्का की खेती शुरू की। उनके अनुसार मक्का के पौधों का विकास बेहतर हुआ है और खरपतवार नियंत्रण के लिए सुझाई गई दवाओं के इस्तेमाल से फसल को अच्छी तरह विकसित होने का अवसर मिला।
शुभम दुबे का कहना है कि फसल समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ तैयार हो रही है। इससे उन्हें बाजार में सही समय पर उपज बेचकर अच्छा दाम मिलने की उम्मीद है। उनका मानना है कि इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
कृषि विभाग से मिले तकनीकी मार्गदर्शन और समय पर प्राप्त सहायता से उत्साहित शुभम दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ शासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से छोटे और पारंपरिक किसानों को खेती की नई दिशा मिल रही है और कृषि के प्रति उनका भरोसा भी बढ़ रहा है।


