रायपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ आज औद्योगिक विकास के ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां विकास का उद्देश्य केवल नए उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए पारदर्शी, निवेश-अनुकूल और रोजगारोन्मुख वातावरण तैयार किया है। वहीं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में नई औद्योगिक नीतियों ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है।
25 जून 2026 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां 235 करोड़ रुपए के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। इस यूनिट से 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में यह छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बीते ढाई वर्षों में राज्य को 264 औद्योगिक परियोजनाओं से लगभग 8.22 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से 1.72 लाख से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन अथवा उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं, जबकि कई इकाइयों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। ये आंकड़े बताते हैं कि राज्य की औद्योगिक नीतियों का असर धरातल पर दिखाई दे रहा है।
राज्य सरकार द्वारा लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने उद्योगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। नीति के तहत विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान है। एमएसएमई और सेवा उद्योगों को विशेष लाभ देने के साथ टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मा जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज भी दिए गए हैं। स्थानीय युवाओं के रोजगार को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों पर भी विशेष जोर दिया गया है।
इसी औद्योगिक वातावरण के बीच नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर एसईजेड और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश जैसी बड़ी पहलें आकार ले रही हैं। राज्य में टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित होने से औद्योगिक आधार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को भी प्राथमिकता दी है। 150 से अधिक सेवाओं वाला नया सिंगल विंडो सिस्टम, निवेशकों के लिए एआई आधारित वाणी प्रणाली, 500 से अधिक प्रशासनिक सुधार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने का प्रयास किया गया है।
औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए राज्य में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं तथा 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरोरा में प्लास्टिक पार्क और नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा एवं रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसे प्रयास प्रदेश के औद्योगिक आधार को और मजबूत कर रहे हैं।
राज्य में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। लगभग 81 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस पार्क में 2,758 वर्गमीटर से लेकर 38,180 वर्गमीटर आकार के भूखंड उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र तथा इनके सहायक और पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को यहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
हाल ही में ‘विजन 2047: औद्योगिक विकास की संभावनाएं’ विषयक चर्चा में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और निवेश को तेजी से धरातल पर उतारना है, ताकि स्थानीय युवाओं को अधिकतम अवसर मिल सकें। आने वाले वर्षों में सरकार निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार नीति, कौशल विकास, इंटर्नशिप, एमएसएमई सशक्तिकरण और बस्तर-सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है। इसी दिशा में निवेश, नवाचार और कौशल विकास को उद्योगों के साथ जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का वादा मिलने और अलग-अलग क्षेत्रों में 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में निवेश बढ़ना छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इकोसिस्टम और बिजनेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
विजन 2047 की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह औद्योगिक अभियान केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है। निवेश, नवाचार, रोजगार और समावेशी विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने से आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से प्रदेश उद्योगों की नई उड़ान के लिए तैयार हो रहा है।


