रायपुर: छत्तीसगढ़ की माटी की सोंधी महक, खेत-खलिहानों की परंपराएं, मांदर की थाप और गेड़ी के उल्लास के बीच नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश का प्रथम लोक पर्व हरेली तिहार उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधि-विधान से भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर प्रदेश में अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और किसानों की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने पारिजात का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किसान को हार्वेस्टर सब्सिडी का 16 लाख रुपए का चेक सौंपा और ड्रोन दीदी से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की।
हरेली उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक संगीता यादव के पिंक ऑटो में सवार होकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। मुख्यमंत्री का यह अनूठा अंदाज आयोजन में आकर्षण का केंद्र बना और पूरे परिसर में आत्मीयता का माहौल दिखाई दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत गौरी-गणेश एवं नवग्रह पूजन से हुई। मुख्यमंत्री ने शिवलिंग का अभिषेक करने के बाद नांगर, रापा, कुदाल और फावड़ा सहित कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले उपकरणों की विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद वे गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गाय और बछड़े की आरती उतारी और उन्हें हरा चारा, चना-गुड़ तथा पारंपरिक ‘लोंदी’ खिलाई। मुख्यमंत्री ने पशुधन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इनके संरक्षण और सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, फसल बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी कर रही है, जिससे प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री निवास में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने रायपुर के किसान इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक और यंत्रीकरण से खेती की लागत और श्रम कम करने के साथ उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
कृषि विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा से संवाद किया। चंद्रकली वर्मा ने बताया कि वे ड्रोन के माध्यम से खेतों में कीटनाशक और नैनो यूरिया का छिड़काव करती हैं। अब तक वह 2,500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं और इससे करीब 7 लाख रुपए की आय अर्जित कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि कृषि में तकनीक का इस्तेमाल महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।
हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर को नीम के पत्तों, गेंदे के फूलों और पारंपरिक ग्रामीण अलंकरणों से सजाया गया था। परिसर में गेड़ी, बिल्लस, गोटी, बाटी और रहचुली जैसे पारंपरिक खेलों ने गांव के मेले जैसा माहौल बना दिया। बच्चों, युवाओं और अन्य लोगों ने इन खेलों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
आयोजन में छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों ने मांदर और ढोलक की थाप पर लोकगीत एवं लोकनृत्य की प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी कलाकारों के बीच पहुंचे और लोकधुनों का आनंद लिया। वहीं ठेठरी, खुरमी और बड़ा जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी हरेली तिहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसान की समृद्धि से ही छत्तीसगढ़ और देश के विकास का मार्ग मजबूत होगा। कार्यक्रम में मंत्रिपरिषद के सदस्य, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।


