रायपुर। मुंगेली जिले के ग्राम बैतलपुर में नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन के शुरू होने से महिलाओं और बच्चों को बड़ी राहत मिली है। गांव में आंगनबाड़ी भवन नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं और बच्चों को करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र जाना पड़ता था। दूरी और आवागमन की परेशानी के कारण कई पात्र हितग्राही शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित लाभ नहीं ले पाते थे। अब गांव में ही आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 का भवन उपलब्ध होने से यह समस्या दूर हो गई है।
ग्राम सभा के प्रस्ताव पर हुआ भवन निर्माण
गांव में आंगनबाड़ी भवन की आवश्यकता को देखते हुए ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से गांव में ही भवन निर्माण का प्रस्ताव पारित किया था। शासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग की मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भवन निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की।
इसके बाद जिला पंचायत द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत 13 नवंबर 2024 को भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई। भवन बनने के बाद अब गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है।
7 अप्रैल 2025 को पूरा हुआ निर्माण
आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य 10 दिसंबर 2024 को शुरू हुआ और निर्धारित समय-सीमा में 7 अप्रैल 2025 को पूरा कर लिया गया। भवन निर्माण पर कुल 11.69 लाख रुपए खर्च हुए। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 3.69 लाख रुपए तथा मनरेगा मद से 8 लाख रुपए का प्रावधान किया गया।
विभागीय अभिसरण से तैयार यह भवन ग्रामीण विकास और जनकल्याण की प्रभावी मिसाल बनकर सामने आया है। गांव में आंगनबाड़ी केंद्र उपलब्ध होने से महिलाओं और बच्चों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है।
45 से अधिक हितग्राहियों को मिल रही सेवाएं
नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन के संचालन से वर्तमान में 1 गर्भवती महिला, 1 नवजात शिशु, 17 बच्चे 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग तथा 25 बच्चे 3 माह से 6 वर्ष आयु वर्ग के हितग्राहियों को नियमित रूप से पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गांव में ही केंद्र उपलब्ध होने से बच्चों और महिलाओं की सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा विभिन्न योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्र बना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य का मजबूत आधार
आंगनबाड़ी केंद्र की सुविधा मिलने के बाद गांव की महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। एक गर्भवती महिला ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र से नियमित रूप से पौष्टिक आहार मिलने से उनकी एनीमिया की समस्या में सुधार हुआ और उनका प्रसव सुरक्षित एवं सुगमतापूर्वक संपन्न हुआ।
इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्र से नियमित पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की आसान उपलब्धता के कारण 12 कम वजन वाले बच्चों के पोषण स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इससे गांव में कुपोषण की स्थिति को कम करने में मदद मिली है।
बैतलपुर का यह आंगनबाड़ी भवन इस बात का उदाहरण है कि स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों के जीवन में सीधा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।


