रायपुर, 21 अगस्त 2026। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में पानी भरने की दर्दनाक घटना में कोंडागांव जिले के 4 श्रमिकों की मौत हो गई। हादसे में जिले के 2 अन्य श्रमिक घायल हुए हैं। घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतक श्रमिकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए तथा हादसे में घायल दोनों श्रमिकों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से हादसे में प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
कोंडागांव के 4 श्रमिकों की हुई मौत
इस हादसे में कोंडागांव जिले के ग्राम धनसुली के 2, मदनार के 1 और दहीकोंगा के 1 श्रमिक की मौत हुई है। वहीं जिले के 2 श्रमिक हादसे में घायल हुए हैं।
दिवंगत श्रमिकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों और स्थानीय लोगों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हादसे की खबर सामने आने के बाद संबंधित गांवों में शोक का माहौल है।
घायलों को भी मिलेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे में घायल दोनों श्रमिकों के लिए भी 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है और उनके उपचार के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
CM साय ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
दो श्रमिकों के जल्द स्वस्थ होने की कामना
मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल दोनों श्रमिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की। उत्तराखंड के चमोली में हुई इस घटना ने कोंडागांव के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। सरकार की आर्थिक सहायता से प्रभावित परिवारों को इस मुश्किल समय में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।


