रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रक्षाबंधन से पहले छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को बड़ी सौगात देते हुए महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की। बालोद जिले के विकासखंड मुख्यालय डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में कुल 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये की राशि अंतरित की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले बहनों के खातों में राशि पहुंचाना उनके लिए खुशी और सम्मान का विषय है।
रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त का उपहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्य सरकार अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश की महिलाओं के खातों में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है। योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सहायता से महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे अपनी आवश्यकताओं के साथ परिवार की जरूरतों में भी आर्थिक योगदान दे पा रही हैं।
बालोद की 2.45 लाख महिलाओं को भी मिला लाभ
31वीं किस्त के अंतर्गत बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों के खातों में भी राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री साय ने समारोह के दौरान जिले की पांच महिला हितग्राहियों से संवाद कर योजना से उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।
डौण्डीलोहारा निवासी जुही सोनी ने बताया कि उन्होंने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के आधार पर ऋण लेकर ब्यूटी पार्लर और सिलाई मशीन का काम शुरू किया है। इससे उन्हें प्रतिमाह करीब 6 से 7 हजार रुपये की आमदनी हो रही है।
ग्राम हरदी की भूमिका साहू ने बताया कि उन्होंने योजना से मिली राशि का उपयोग सीमेंट के गमले और तुलसी चौरा बनाने के काम में किया है। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये की आय हो रही है। उन्होंने सोशल मीडिया से जुड़े कार्यों में भी राशि का उपयोग करने की जानकारी दी।
ग्राम कोरगुड़ा की सरोज देवांगन ने बताया कि उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि से आटा चक्की का काम शुरू किया, जिससे उन्हें प्रतिमाह करीब 3 से 4 हजार रुपये की आय हो रही है।
वहीं ग्राम तुड़मुड़ा की बसंती बाई ने बताया कि उन्होंने योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग छोटा व्यापार शुरू करने में किया है। वे आसपास के बाजारों में चना, फल्ली और अन्य खाद्य सामग्री बेचकर प्रतिमाह करीब 5 से 6 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने हितग्राहियों के अनुभवों को योजना की वास्तविक सार्थकता बताते हुए सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और योजना से मिलने वाली राशि का सदुपयोग करने का आग्रह किया।
लखपति दीदी और ड्रोन दीदी के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आय अर्जित करने में सक्षम बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं ड्रोन दीदी पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं कृषि क्षेत्र में ड्रोन से खाद और बीज का छिड़काव जैसी सेवाएं देकर आय अर्जित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें रोजगार, तकनीक और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
बालोद जिले को ₹102 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
महतारी वंदन सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले को करीब 102 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कई विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत डौण्डीलोहारा में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन, पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण तथा धनगांव जलाशय में नहर रिमॉडलिंग से जुड़े कार्यों की भी सौगात दी।
डौण्डीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर 5 करोड़ रुपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा डौण्डीलोहारा विकासखंड में 19 करोड़ रुपये की लागत से संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग के निर्माण की घोषणा की गई।
सड़कों के विकास को भी मिली मंजूरी
समारोह में मुख्यमंत्री ने 3.2 करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबे उमरादाह-निपानी मार्ग, 26 करोड़ रुपये की लागत से अर्जुंदा-ओडारसकरी मार्ग तथा 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया।
किसानों, श्रमिकों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास का उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने धान खरीदी, प्रधानमंत्री आवास, तेंदूपत्ता संग्राहकों को समर्थन, भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए सहायता और प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसी पहलों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
महिला सशक्तिकरण को विकास की आधारशिला बनाने पर जोर
महतारी वंदन सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किए बिना प्रदेश के समग्र विकास की कल्पना पूरी नहीं हो सकती। महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दे रही है, जबकि लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलें उन्हें आय के नए अवसरों से जोड़ रही हैं।
रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त का अंतरण इसी महिला-केंद्रित सोच को आगे


