रायपुर: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी में भाई-बहन के स्नेह और आत्मीयता का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर क्षेत्र की बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया।
‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने बहनों से आत्मीय बातचीत की और उनकी बातें सुनीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सुखद भविष्य के प्रति जिम्मेदारी को दोहराने का अवसर भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलें और परिवार तथा समाज के निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत हो, इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।
महिलाओं का सशक्तिकरण समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला है। जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। परिवार की समृद्धि से समाज और प्रदेश की प्रगति का रास्ता भी मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं के केंद्र में माताओं-बहनों का सम्मान, स्वावलंबन और बेहतर भविष्य है।
पंडरीपानी को ₹64 लाख के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री साय ने पंडरीपानी में लगभग ₹64 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन गांव की महिलाओं के लिए सामूहिक प्रयासों, प्रशिक्षण, आर्थिक गतिविधियों और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनेगा। यहां महिला स्व-सहायता समूहों और महिला संगठनों को बैठक, प्रशिक्षण तथा आजीविका संबंधी गतिविधियां संचालित करने के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन के निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ₹3 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि गांवों में बेहतर अधोसंरचना के निर्माण के साथ ग्रामीण परिवारों और महिलाओं के जीवन को सुविधाजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
महतारी वंदन योजना से बहनों को आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई है। सितंबर माह की राशि अग्रिम रूप से जारी किए जाने से बहनों को रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह के साथ मनाने में सहायता मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनके कौशल को अवसरों से जोड़ना और परिवार तथा समाज के विकास में उनकी भूमिका को मजबूत करना है।
सेवा सेतु से 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन
मुख्यमंत्री ने सुशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। इससे नागरिकों को अनेक सरकारी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरलता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे, यही सुशासन का उद्देश्य है।
महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहायता
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक और आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए।
मोंगरा स्व-सहायता समूह, भगोरा; वैष्णवी स्व-सहायता समूह, कंदईबहार और चांद स्व-सहायता समूह, कंदईबहार को ₹1.50-₹1.50 लाख तथा प्रतिज्ञा समूह, बड़ा बस्ती को ₹1 लाख की सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। आर्थिक सहायता से समूहों को स्वरोजगार और आजीविका संबंधी गतिविधियों का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
बेटियों के सुरक्षित भविष्य पर जोर
कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिका मीनाक्षी यादव और श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बेटियों के सुरक्षित भविष्य और वित्तीय सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को मिले अधिकार अभिलेख
मुख्यमंत्री साय ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को पट्टे भी वितरित किए। इनमें ग्राम बोखी की हरावती, ग्राम वानगांव की जगमनी, ग्राम कोनपारा की राजमनी, ग्राम भगोरा की लक्ष्मी और ग्राम तेलाइन की सुमित्रा शामिल हैं।
इन दस्तावेजों से हितग्राहियों को अपनी संपत्ति पर अधिकार के साथ दस्तावेजी सुरक्षा प्राप्त होगी।
‘विष्णु भैया’ हैं छत्तीसगढ़ की बहनों के मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिलाओं के सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को शासन की प्राथमिकताओं में रखा है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है, जबकि महतारी सदन के माध्यम से गांवों में महिलाओं को बैठक, प्रशिक्षण और विभिन्न गतिविधियों के लिए सम्मानजनक स्थान उपलब्ध हो रहा है।
गोमती साय ने पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने को भी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं और महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन तथा कल्याण के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम में विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पंडरीपानी दौरे में रक्षाबंधन की आत्मीयता के साथ महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और सुशासन की प्राथमिकताएं भी स्पष्ट रूप से दिखाई दीं।


